मेरठ में सबसे अधिक बारिश, मुजफ्फरनगर दूसरे नंबर पर, गाजियाबाद-नोएडा में सबसे कम वर्षा
उत्तर प्रदेश में मेरठ में सबसे अधिक और मुजफ्फरनगर में दूसरी सबसे ज्यादा बारिश दर्ज हुई
मेरठ : उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, लेकिन इस बार बारिश का वितरण पूरे राज्य में समान नहीं रहा। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार मेरठ जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि मुजफ्फरनगर दूसरे स्थान पर रहा। दूसरी ओर, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में सबसे कम बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे इन क्षेत्रों में लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मेरठ जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। लगातार हुई बारिश से शहर का तापमान सामान्य से नीचे आ गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, कई निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें सामने आईं।
विशेषज्ञों के अनुसार अच्छी बारिश से भूजल स्तर में सुधार और खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
मुजफ्फरनगर दूसरे स्थान पर
बारिश के मामले में मुजफ्फरनगर दूसरे नंबर पर रहा। जिले में हुई अच्छी वर्षा से गन्ना, धान और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा।
गाजियाबाद और नोएडा में सबसे कम बारिश
इसके विपरीत गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में सबसे कम वर्षा दर्ज की गई। कम बारिश के कारण दिनभर उमस बनी रही और लोगों को गर्मी का एहसास होता रहा। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है।
किसानों को राहत
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिन जिलों में अच्छी बारिश हुई है, वहां किसानों ने राहत की सांस ली है। धान, गन्ना, मक्का और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह वर्षा लाभदायक मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी सामान्य बारिश जारी रहती है तो कृषि उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी हो सकती है। लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट और चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।