Meerut रेंज में कांवड़ सुरक्षा का मास्टर प्लान

Update: 2026-07-24 08:26 GMT

मेरठ :   सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ रेंज पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। मेरठ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी ने बताया कि मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जनपदों में कुल 969 किलोमीटर लंबे 28 प्रमुख कांवड़ मार्गों पर लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और आपदा प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा पूरी तरह सुरक्षित माहौल में संपन्न हो।

डीआईजी के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ रेंज के 32 प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक होगा, जबकि 12 स्थानों पर श्रावण मेलों का आयोजन किया जाएगा। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे कांवड़ मार्ग पर कुल 148 बैरियर स्थापित किए गए हैं, जिससे यातायात सुचारु बना रहे और श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा न आए।

गंगा घाटों, नदियों और नहरों के किनारे सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। संभावित दुर्घटनाओं से निपटने के लिए पूरे रेंज में 157 नावों और 139 प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है। ब्रजघाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर जल पुलिस, फ्लड कंपनी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी। इन टीमों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

संवेदनशील घाटों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आधुनिक सुरक्षा प्रबंधन अपनाया गया है। प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। इसके अलावा डबल बैरिकेडिंग, वॉच टॉवर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, खोया-पाया केंद्र, पार्किंग स्थल और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है। पुलिस अधिकारियों को लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनपदवार तैयारियों की बात करें तो मेरठ जिले में सात प्रमुख कांवड़ मार्ग हैं, जिनकी कुल लंबाई 228 किलोमीटर है। यहां 26 बैरियर लगाए गए हैं, 13 प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक होगा और तीन श्रावण मेलों का आयोजन होगा। बुलंदशहर में 10 प्रमुख कांवड़ मार्गों की कुल लंबाई 446 किलोमीटर है, जहां 65 बैरियर, 10 प्रमुख मंदिर और पांच श्रावण मेले चिन्हित किए गए हैं। बागपत में छह प्रमुख मार्ग 164 किलोमीटर लंबे हैं, जहां 51 बैरियर, एक प्रमुख शिव मंदिर और एक मेला आयोजित होगा। वहीं हापुड़ जिले में पांच प्रमुख कांवड़ मार्ग 131 किलोमीटर क्षेत्र में फैले हैं, जहां छह बैरियर, आठ प्रमुख शिव मंदिर और तीन श्रावण मेलों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

घाटों की सुरक्षा के लिए मेरठ में 35 गोताखोरों के साथ 12 नावें, बुलंदशहर में 58 गोताखोर और 37 नावें, बागपत में 20 गोताखोर तथा आठ नावें तैनात रहेंगी। हापुड़ जिले में सबसे अधिक 100 नावों और 26 प्रशिक्षित गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा सके।

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