अयोध्या राम मंदिर चोरी मामले में SIT का बड़ा अपडेट
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को मिली SIT की अंतिम रिपोर्ट
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) की फाइनल रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। गृह विभाग की ओर से यह रिपोर्ट आवश्यक कार्रवाई के लिए ट्रस्ट को उपलब्ध कराई गई है।
इस मामले में ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। टीम की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की थी। इसमें आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था। एसआईटी ने जांच पूरी करने के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी, जिसके बाद गृह विभाग ने रिपोर्ट ट्रस्ट को भेजी। मामला सामने आने के बाद मंदिर में चढ़ावे की गणना, जमा प्रक्रिया, कर्मचारियों की भूमिका और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। आरोप था कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की राशि और अन्य सामग्री के प्रबंधन में कुछ स्तर पर गड़बड़ी हुई। एसआईटी ने मामले से जुड़े कर्मचारियों, अधिकारियों और अन्य लोगों से पूछताछ कर दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान एसआईटी ने मंदिर प्रशासन से जुड़े रिकॉर्ड, बैंकिंग प्रक्रिया, दान की गणना व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश भी की गई थी।
इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई थी। शीर्ष अदालत ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच को लेकर निर्देश दिए थे और एसआईटी से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। कोर्ट ने जांच में वित्तीय पहलुओं को देखते हुए विशेषज्ञता रखने वाले अधिकारियों और ऑडिट से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल करने पर भी जोर दिया था। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। ट्रस्ट की ओर से रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद संबंधित लोगों पर आवश्यक कदम उठाए जाने की संभावना है।
राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर लगातार मांग उठती रही है। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रस्ट और प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।