योगी सरकार का बड़ा आदेश, ऑनलाइन मीटिंग में लापरवाही पर सख्ती

Update: 2026-07-27 11:56 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ऑनलाइन समीक्षा बैठकों में सख्त जवाबदेही तय कर दी है। अब विभाग की महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठकों में मंडल और जनपद स्तर के अधिकारियों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों की अनुपस्थिति या लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों को अपने स्थान पर वरिष्ठ अधिकारी को अधिकृत करना होगा।

बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशालय स्तर से जारी निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक ऑनलाइन समीक्षा बैठक में मंडल स्तर पर सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) और जनपद स्तर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) की उपस्थिति जरूरी होगी। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना किसी ठोस कारण के बैठक से अनुपस्थित रहने या अनधिकृत प्रतिनिधि भेजने की अनुमति नहीं होगी।

शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी ने प्रदेश के सभी सहायक शिक्षा निदेशकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि पिछले कुछ समय से ऑनलाइन समीक्षा बैठकों में कई जनपदों से अपेक्षित स्तर की सहभागिता नहीं हो रही थी। कई बार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वयं बैठक में शामिल नहीं होते थे और उनकी जगह किसी अधिकृत वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति भी सुनिश्चित नहीं की जाती थी। इसे शासन की मंशा और प्रशासनिक जवाबदेही के अनुरूप नहीं माना गया है।

नए नियमों के तहत अब सभी अधिकारी केवल अपनी आधिकारिक ई-मेल आईडी के माध्यम से ही ऑनलाइन बैठक में शामिल होंगे। इससे बैठक में शामिल होने वाले अधिकारियों की पहचान स्पष्ट रहेगी और समीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा सकेगा। विभाग का मानना है कि इससे योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और सरकार की प्राथमिकताओं को तेजी से लागू करने में मदद मिलेगी।

जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक ऑनलाइन समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारी स्वयं उपस्थित रहें। यदि किसी अपरिहार्य सरकारी कारण से किसी अधिकारी का बैठक में शामिल होना संभव नहीं है तो उन्हें पहले से अपने स्थान पर किसी वरिष्ठ अधीनस्थ अधिकारी को अधिकृत करना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मंडल या जिले का प्रतिनिधित्व प्रभावित न हो और बैठक में लिए गए फैसलों पर समय से कार्रवाई हो सके।

इसके अलावा ऑनलाइन बैठकों के संचालन को व्यवस्थित बनाने के लिए लॉगिन व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब किसी एक जनपद या मंडल से कई अलग-अलग डिवाइस और अलग-अलग लॉगिन आईडी के माध्यम से बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी जिले से एक से अधिक अधिकारियों की भागीदारी जरूरी है तो सभी अधिकारी एक ही स्थान पर बैठकर एक अधिकृत लॉगिन आईडी से बैठक में शामिल होंगे।

विभाग का कहना है कि इस कदम से ऑनलाइन बैठकों में तकनीकी समस्याओं को कम किया जा सकेगा और समीक्षा प्रक्रिया ज्यादा प्रभावी होगी। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होने से योजनाओं की प्रगति, स्कूलों की व्यवस्थाओं और शिक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की बेहतर निगरानी हो सकेगी।

योगी सरकार लगातार प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दे रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की यह नई व्यवस्था भी इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से शिक्षा विभाग की योजनाओं का क्रियान्वयन तेज हो और प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सुधार की प्रक्रिया को और गति मिल सके।

Tags:    

Similar News