लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कैंट थाना क्षेत्र में बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गोला बाजार स्थित एक इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि शोरूम के आसपास मौजूद दुकानदारों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। आग की चपेट में शोरूम के बगल में स्थित एक अन्य दुकान भी आ गई। घटना सदर बाजार पुलिस चौकी के ठीक पीछे स्थित 'सरला एंड संस' नामक इलेक्ट्रिक स्कूटी और बाइक शोरूम की है। सूचना मिलते ही हजरतगंज फायर स्टेशन से दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने चारों तरफ से आग बुझाने का अभियान चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
शोरूम में अचानक भड़की आग, मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात गोला बाजार में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं। इसी दौरान सरला एंड संस इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम में अचानक आग लगने की घटना सामने आई। कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
शोरूम से उठती तेज लपटों और धुएं को देखकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए। आग तेजी से फैलने लगी, जिससे नजदीक स्थित दूसरी दुकानों पर भी खतरा मंडराने लगा।घटना के बाद बाजार में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। आग की गंभीरता को देखते हुए तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी गई।बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि शोरूम से सटी एक अन्य दुकान भी इसकी चपेट में आ गई। इससे आसपास के व्यापारियों की चिंता बढ़ गई।
बगल की दुकान तक पहुंचीं आग की लपटें
शोरूम में लगी आग ने देखते ही देखते पास की दुकान को भी प्रभावित किया। इससे नुकसान का दायरा बढ़ने की आशंका पैदा हो गई।इलेक्ट्रिक वाहनों के शोरूम में सामान्य तौर पर स्कूटी, बाइक, बैटरी, चार्जिंग उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान रखे जाते हैं। ऐसे प्रतिष्ठानों में आग लगने पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
हालांकि, इस घटना में शोरूम के अंदर कितने वाहन रखे हुए थे और कितनी संपत्ति को नुकसान पहुंचा, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।आग से प्रभावित दूसरी दुकान में हुए नुकसान का भी विस्तृत आकलन उपलब्ध नहीं है।
दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
घटना की सूचना मिलते ही हजरतगंज फायर स्टेशन से दमकल की तीन गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
दमकलकर्मियों ने आग को आसपास की अन्य दुकानों तक फैलने से रोकने के लिए अलग-अलग दिशाओं से पानी की बौछार की।कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझने से आसपास के बाजार क्षेत्र में इसके और अधिक फैलने का खतरा टल गया।इस अभियान में सबसे बड़ी चुनौती आग को सीमित क्षेत्र में रोकना था, क्योंकि बाजार में एक-दूसरे के नजदीक दुकानें होने से आग फैलने का जोखिम अधिक हो सकता है।
स्कूटी चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट की आशंका
सामने आई विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह घटना 21 अक्टूबर की रात करीब 8:15 बजे हुई। शोरूम के अंदर एक इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्ज की जा रही थी। इसी दौरान कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई।
आग फैलने के बाद वहां रखी बैटरियों में धमाके होने लगे। इससे लपटें और तेज हो गईं। शोरूम में मौजूद कर्मचारी बाहर निकल आए।चीफ फायर ऑफिसर अंकुश मित्तल के अनुसार, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की बात सामने आई है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए आगे जांच की जाएगी।
आग बुझाने के लिए कुल आठ गाड़ियां लगाईं
शुरुआत में हजरतगंज फायर स्टेशन से तीन दमकल गाड़ियां भेजी गई थीं, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए आसपास के फायर स्टेशनों से पांच अतिरिक्त गाड़ियां मंगानी पड़ीं।इस तरह कुल आठ दमकल गाड़ियों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
दमकल अभियान की निगरानी फायर सर्विस ऑफिसर ममचंद बड़गूजर और मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल ने की। आग बुझाने के दौरान घना धुआं भी कर्मचारियों के लिए चुनौती बना रहा।आसपास की दुकानों को कराया गया खाली
कैंट पुलिस ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास की दुकानों को एहतियात के तौर पर खाली कराया। घटनास्थल के आसपास बैरिकेडिंग करके लोगों को दूर रखा गया।
पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त कार्रवाई से आग को अन्य दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। घटना के कारण बाजार क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
शोरूम में रखे कई इलेक्ट्रिक वाहन जले
आग से शोरूम में रखे कई वाहनों और अन्य सामान को भारी नुकसान पहुंचा। एक रिपोर्ट के अनुसार, शोरूम में मौजूद 17 वाहन आग से नष्ट हो गए। हालांकि, आर्थिक नुकसान का अंतिम आकलन स्पष्ट नहीं हुआ है।
घटना के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग और बैटरी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करते समय सही चार्जर, सुरक्षित वायरिंग और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है।
आग लगने के कारणों की होगी विस्तृत जांच
दमकल विभाग ने शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण बताया है। अब यह जांच की जाएगी कि आग चार्जिंग उपकरण, बिजली की वायरिंग या किसी अन्य तकनीकी खराबी के कारण लगी थी।
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