नोएडा में साइबर ठगी का बड़ा मामला ऑनलाइन निवेश के नाम पर व्यक्ति से 15 लाख ठगे
नोएडा : सेक्टर-113 थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को टेलीग्राम के जरिए ऑनलाइन निवेश में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर करीब 15 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने कई बार खाते से रकम ट्रांसफर होने के बाद पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर अब साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और ठगी करने वाले आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से लेनदेन और डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है।
टेलीग्राम पर आया था अनजान मैसेज
जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसायटी में रहने वाले संदीप कुमार सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में उनके पास एक अनजान नंबर से टेलीग्राम पर संदेश आया था।
शुरुआत में उन्होंने इस संदेश पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन बातचीत आगे बढ़ने पर साइबर ठग ने उन्हें ऑनलाइन निवेश के जरिए अच्छा मुनाफा कमाने का लालच दिया। आरोपी ने दावा किया कि उसकी बताई गई योजना में निवेश करने से कम समय में ज्यादा रिटर्न हासिल किया जा सकता है।
मुनाफे का झांसा देकर फंसाया
पीड़ित के अनुसार, साइबर ठग ने उसे भरोसा दिलाने के लिए कई तरह की जानकारी साझा की और निवेश से जुड़े फर्जी दस्तावेज व आंकड़े भी दिखाए। आरोपी की बातों में आकर संदीप कुमार सिंह ने ऑनलाइन निवेश शुरू कर दिया।
इसके बाद ठगों ने अलग-अलग समय पर उनसे पैसे जमा करवाए। शुरुआत में निवेश और मुनाफे से जुड़ी जानकारी दिखाकर पीड़ित का भरोसा कायम रखा गया।
धीरे-धीरे रकम बढ़ती गई और पीड़ित ने कई बार अपने खाते से पैसे ट्रांसफर कर दिए। कुल मिलाकर करीब 15 लाख रुपये साइबर ठगों के खातों में चले गए।
पैसे निकालने में आई परेशानी तो हुआ शक
पीड़ित ने बताया कि जब उन्होंने निवेश की गई रकम और कथित मुनाफे को वापस लेने की कोशिश की तो उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आरोपियों ने पैसे निकालने के लिए अतिरिक्त शुल्क, टैक्स और अन्य प्रक्रिया के नाम पर और रकम की मांग शुरू कर दी। इसके बाद संदीप को शक हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
जब उन्होंने पूरी स्थिति की जांच की तो पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है।
पुलिस में दर्ज कराया मुकदमा
ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद सेक्टर-113 थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब उन बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है, जिनके जरिए रकम ट्रांसफर की गई। इसके अलावा टेलीग्राम अकाउंट और मोबाइल नंबरों की भी जांच की जा रही है।
साइबर ठगी के नए तरीकों से रहें सावधान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में तेजी आई है।
ठग अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप और फर्जी निवेश वेबसाइटों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। वे शुरुआत में छोटे निवेश पर अच्छा रिटर्न दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीतते हैं और बाद में बड़ी रकम हड़प लेते हैं।
पुलिस ने लोगों से की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के भेजे गए निवेश लिंक पर भरोसा न करें। बिना जांच-पड़ताल के ऑनलाइन निवेश करना नुकसानदायक हो सकता है।
अधिकारियों ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन निवेश के नाम पर ज्यादा मुनाफे का दावा करता है तो पहले उसकी सत्यता जांच लें। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना दें।
जांच जारी
फिलहाल सेक्टर-113 थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है।
15 लाख रुपये की ठगी का यह मामला एक बार फिर लोगों को ऑनलाइन निवेश में सावधानी बरतने की जरूरत का संदेश देता है।