Lucknow: ओबीसी आरक्षण पर बढ़ी हलचल, सरकार ने चुनाव को लेकर दी स्पष्टता

"चुनाव प्रक्रिया में तेजी के संकेत"

Update: 2026-03-19 07:34 GMT

लखनऊ: प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता पर अब सरकार ने स्पष्टता ला दी है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने साफ कहा है कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव जुलाई 2026 तक हर हाल में संपन्न करा लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा और किसी भी स्तर पर बाधा नहीं आने दी जाएगी।

मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्षों के कार्यकाल अलग-अलग समय पर समाप्त हो रहे हैं, लेकिन सरकार का स्पष्ट रुख है कि किसी भी जनप्रतिनिधि का कार्यकाल जुलाई 2026 से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसी निर्धारित समयसीमा को ध्यान में रखते हुए चुनाव कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।

राजभर ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक मशीनरी को चुनाव की तैयारियां तेज करने के निर्देश दे दिए गए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं, जिससे चुनाव प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके। प्रशासनिक स्तर पर मतदाता सूची अद्यतन, बूथ निर्धारण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी मंत्री ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि अगली कैबिनेट बैठक में पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी मिल जाएगी। आरक्षण का निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ही किया जाएगा और इसके लिए कोई नई गणना नहीं कराई जाएगी। साथ ही पूर्व में लागू आरक्षण चक्र को ही जारी रखा जाएगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही आयोग अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, उसी आधार पर पंचायत सीटों का आरक्षण तय कर लिया जाएगा और तत्पश्चात चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है और अब राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है।

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