लखनऊ: एटीएस ने रविवार को मुरादाबाद से आईएसआई एजेंट शहजाद को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि वह बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। उसने रामपुर के कई युवकों को पाकिस्तान भेजा था। इसके लिए वीजा व रुपये का भी इंतजाम किया था। एटीएस पूछताछ के बाद उन युवकों की कुंडली खंगाल रही है। जांच में सामने आया कि दिल्ली स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन में तैनात दानिश आईएसआई एजेंट्स के इशारे पर शहजाद और उसके साथियों को वीजा दिलाने में मदद करता था।

एटीएस के मुताबिक दानिश ने ही हरियाणा निवासी ज्योति मेहरोत्रा को पाकिस्तान भेजने का इंतजाम किया था। जिसे जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। दरअसल, तस्करी के दौरान शहजाद का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों से संपर्क हुआ था, जिसके बाद उनके बीच व्हाट्सएप पर बातचीत होने लगी थी।

एजेंटों ने उससे कई गोपनीय सूचनाएं जुटाकर भेजने को कहा ताकि कोई आतंकी घटना अंजाम दी जा सके। धीरे-धीरे उसने रामपुर के कुछ युवाओं को कॉस्मेटिक, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, महिलाओं के कपड़े की तस्करी के काम में अपने साथ जोड़ा और उनका वीजा आईएसआई एजेंट्स की मदद से हासिल कर लिया। एटीएस को संदेह है कि पाकिस्तानी एजेंटों से मिलने वाली रकम को भारत में जासूसी करने वाले लोगों को मुहैया कराने के साथ आतंकी गतिविधियों में प्रयोग करने में जुटा था। शहजाद के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में एजेंटों से मिलने वाली रकम का ब्योरा भी मिलने की उम्मीद है। उसे रिमांड पर लेकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले बाकी एजेंटों के बारे में डिटेल जानकारी के लिए पूछताछ करने की तैयारी है।

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