पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, पिता की मौत एक प्राकृतिक कारण से हुई थी, लेकिन बेटे को इस खबर का इतना गहरा सदमा लगा कि वह मानसिक तनाव के कारण गंभीर रूप से बीमार पड़ गया। बेटा, जो पिता के बेहद करीब था, जुमे की नमाज के बाद अचानक अपने पिता के निधन की खबर को लेकर बहुत परेशान था। कुछ ही घंटों में उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।
इस दुखद घटना के बाद, इलाके में दोनों का एक साथ जनाजा उठाने की प्रक्रिया ने सबको हैरान कर दिया। पिता और बेटे का शव एक साथ एक ही काफिले में लेकर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। यह दृश्य इलाके में शोक और भावनाओं का एक जटिल मिश्रण था।
स्थानीय लोग इस घटना को अपार दुख और एक साथ दो जीवनों की समाप्ति के रूप में देख रहे थे। एक ही परिवार के दो लोगों का एक साथ निधन इलाके के लोगों के लिए एक बड़े सदमे जैसा था। रिश्ते और परिवार की अहमियत को लेकर इस घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर किया।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने की कोशिश कर रहे थे और परिवार को पूरा सहयोग देने की कोशिश कर रहे थे।
यह घटना पूरे समाज में एक संदेश छोड़ गई कि जीवन में कभी भी किसी के जाने का दुख सहन करना कितना कठिन हो सकता है, खासकर जब वह आपके बेहद करीब हो।