उत्तर प्रदेश: सरकार ने पत्रकारों के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मिलने वाले लाभ को और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब पत्रकारों के आयुष्मान कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज किया गया है, जिससे पात्र पत्रकारों को इलाज में बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
सरकारी जानकारी के अनुसार, जिन पत्रकारों ने आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया है, वे अब घर बैठे ऑनलाइन अपने आवेदन की स्थिति देख सकेंगे। इसके लिए उन्हें beneficiary.nha.gov.in पोर्टल पर जाकर स्टेटस चेक करने की सुविधा दी गई है। यदि किसी आवेदन में त्रुटि या जानकारी में संशोधन की आवश्यकता होगी, तो संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से संपर्क कर उसे ठीक कराया जा सकेगा, जिसके बाद कार्ड जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रदेश के सूचना निदेशक विशाल सिंह ने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी पात्र पत्रकार को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े। जिन पत्रकारों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है या जिनका कार्ड किसी कारण से नहीं बन पाया है, उनके लिए भी जल्द ही एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से पत्रकार अपने जिले के जिला सूचना अधिकारी के जरिए आवेदन कर सकेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया अधिक सरल और व्यवस्थित हो जाएगी।
इस नई व्यवस्था से पत्रकारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक राहत मिलती है।
पत्रकारों के लिए यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वे लगातार फील्ड में काम करते हैं और कई बार स्वास्थ्य जोखिमों का सामना करते हैं। ऐसे में समय पर आयुष्मान कार्ड मिलने से उन्हें और उनके परिवार को बड़ी आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है। सरकार का कहना है कि नई ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद लंबित आवेदनों का तेजी से निस्तारण होगा और नए आवेदकों को भी बिना किसी दिक्कत के सुविधा मिलेगी। अब सभी की नजर इस प्रस्तावित ऑनलाइन पोर्टल पर है, जिसके शुरू होते ही प्रदेश के हजारों पत्रकारों को राहत मिलने की उम्मीद है।