भारतीय स्कूली खिलाड़ियों को मिलेगा वैश्विक मंच

Update: 2026-07-23 13:18 GMT

प्रयागराज। भारतीय स्कूली खेलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार को इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISF) की कार्यकारिणी समिति का सदस्य चुना गया है। उनके चयन को भारतीय स्कूली खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसरों के द्वार खुलने के रूप में देखा जा रहा है।

सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में हुए चुनाव में दीपक कुमार की जीत से अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत की भागीदारी और मजबूत हुई है। अब वैश्विक स्तर पर स्कूली खेलों से जुड़ी नीतियों के निर्माण में भारत की भूमिका बढ़ेगी। माना जा रहा है कि इस उपलब्धि से भारतीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और खेल सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

विश्व के अग्रणी खेल देशों से होंगे एमओयू

दीपक कुमार ने कहा कि भारतीय स्कूलों के खिलाड़ियों और कोचों की प्रतिभा को निखारने के लिए दुनिया के प्रमुख खेल देशों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाएंगे। इन समझौतों के माध्यम से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रणाली, आधुनिक तकनीक और बेहतर खेल अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। देश के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में भी कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने की जरूरत है। उनका लक्ष्य ऐसे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करना है।

पारदर्शिता और खिलाड़ियों के हित पर जोर

एसजीएफआई अध्यक्ष बनने के बाद से दीपक कुमार ने स्कूली खेलों में पारदर्शिता, सुशासन और खिलाड़ियों के हितों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि खेल और शिक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं। इसलिए ऐसी नीतियां तैयार करने की जरूरत है, जिससे खिलाड़ी अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए खेलों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने खेल प्रतिभाओं के विकास के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर को जरूरी बताया है। उनके अनुसार, खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही बेहतर सुविधाएं मिलने पर वे विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

भारतीय खिलाड़ियों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर

दीपक कुमार के ISF कार्यकारिणी में चुने जाने के बाद भारतीय स्कूली खिलाड़ियों को कई स्तरों पर फायदा मिलने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय कोचिंग एक्सचेंज कार्यक्रम, विदेशी प्रशिक्षण शिविर और वैश्विक खेल नेटवर्क से जुड़ाव के रास्ते खुल सकते हैं।

इसके अलावा भारतीय स्कूलों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं भी बनाई जा सकती हैं। इससे खिलाड़ियों को कम उम्र से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा और वे बड़े खेल आयोजनों के लिए खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर पाएंगे।

भारत की आवाज होगी मजबूत

ISF की कार्यकारिणी में भारत की मौजूदगी से स्कूली खेलों से जुड़े फैसलों में देश की भागीदारी बढ़ेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल नीतियों और कार्यक्रमों में भारत अपने सुझाव और अनुभव साझा कर सकेगा।

एसजीएफआई के सदस्य और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह भी ISF कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए। उन्होंने भी इस उपलब्धि को भारतीय स्कूली खेलों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

दीपक कुमार का मानना है कि भारत में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

उनके ISF कार्यकारिणी में चुने जाने से भारतीय स्कूली खेलों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में विदेशी साझेदारी, बेहतर प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के माध्यम से भारतीय स्कूलों के खिलाड़ी वैश्विक खेल मंच पर अपनी पहचान और मजबूत कर सकते हैं।

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