Pumpkin से मिठाई तक कैसे तैयार होता है पेठा

Update: 2026-07-02 12:08 GMT
Agra |आगरा : उत्तर प्रदेश का आगरा शहर सिर्फ ताजमहल के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी पारंपरिक मिठाई पेठे के लिए भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। मुगलकाल से चली आ रही यह मिठाई आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। आगरा का पेठा देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी खास पहचान रखता है।
यह मिठाई सफेद कद्दू से तैयार की जाती है, जो न केवल स्वाद में बेहतरीन होती है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। सदियों पुरानी इस परंपरा को आज भी कई परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ा रहे हैं।
कैसे बनता है आगरा का पेठा
स्थानीय पेठा व्यापारी राजीव के अनुसार, पेठा बनाने की प्रक्रिया काफी लंबी और मेहनत वाली होती है। सबसे पहले सफेद कद्दू को अच्छी तरह छीला जाता है। इसके बाद इसे छोटे टुकड़ों में काटकर साफ पानी से धोया जाता है ताकि सभी अशुद्धियां हट जाएं।
इसके बाद कद्दू के टुकड़ों को दो बार उबाला जाता है, जिससे वह पूरी तरह नरम हो जाते हैं। उबालने के बाद इन्हें चीनी के घोल में डाला जाता है, जहां यह मिठास को पूरी तरह सोख लेते हैं। इसके बाद इन्हें बाहर निकालकर सुखाया जाता है, जिससे यह खाने के लिए तैयार हो जाता है।
इसी प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग आकार और स्वाद के पेठे भी बनाए जाते हैं, जिन्हें बाद में बाजार में बेचा जाता है।
मुगलकाल से जुड़ा है इतिहास
पेठा व्यापारी राजीव बताते हैं कि आगरा के पेठे की शुरुआत मुगलकाल में हुई थी। यह मिठाई समय के साथ और लोकप्रिय होती गई और आज एक पहचान बन चुकी है। उनके अनुसार, उनका परिवार भी कई पीढ़ियों से इस व्यवसाय से जुड़ा हुआ है।
पहले उनके दादा और पिता इस काम को संभालते थे और अब वह इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगरा के पेठे की मांग न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी काफी ज्यादा है।
पर्यटकों की पहली पसंद
आगरा आने वाले देशी और विदेशी पर्यटक ताजमहल के साथ-साथ पेठा जरूर खरीदते हैं। यहां के बाजारों में अलग-अलग स्वाद और रूप में पेठा उपलब्ध रहता है, जिसे लोग अपने साथ पैक कराकर ले जाते हैं।
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