Gorakhpur: नेत्र चिकित्सा क्षेत्र में फातिमा अस्पताल ने की पहली डीएसईके सर्जरी
गोरखपुर: नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की हैं। हॉस्पिटल में पहली बार डेसमेट्स स्ट्रिपिंग एंडोथीलियल केराटोप्लास्टी (DSEK) सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। डीएसईके एक आधुनिक कॉर्नियल ट्रांसप्लाट तकनीक है, जिसमें केवल कॉर्निया की क्षतिग्रस्त भीतरी परत को स्वस्थ डोनर ऊतक से बदला जाता है। पारंपरिक पूर्ण-मोटाई कॉर्नियल ट्रांसप्लाट की तुलना में डीएसईके के कई फायदे है जैसें बिना टांकों के सर्जरी, दर्द रहित आपरेशन, तेजी से दृष्टि की वापसी, छोटा चीरा, एवं ग्राफ्ट रिजेक्शन का कम खतरा। फातिमा हॉस्पिटल, पादरी बाजार, गोरखपुर के नेत्र अस्पताल के इस सर्जरी में पूरी आँखों की पुतली न बदल कर सिर्फ अंदर की लेयर बदलते है। इन मरीजों में धीरे-धीरे रोशनी का कम होते जाना, आँखों से हमेशा पानी का गिरना एवं आँखों में लाली के साथ चुभन एक आम समस्या होती है। सर्जरी ना कराने पर पुतली कमजोर पड़ जाती है जिससे कॉर्नियल अल्सर (Corneal Ulcer) और कभी कभी पूरी आँख में मवाद बन जाने जैसी गम्भीर समस्या बन जाती है। जिससे आँखों की रोशनी हमेशा के लिए चली जायेगी और कभी वापस नही आयेगी। यह सर्जरी डॉ० अंजुम जैन, विभागाध्यक्ष फातिमा आई हॉस्पिटल द्वारा की गयी।
डॉ० अंजुम जैन ने गोरखपुर में पहली बार दो डीएसईके सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की, जिससे यह उन्नत कॉर्नियल ट्रांयप्लांट तकनीक अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीजों के लिए भी उपलब्ध हो गई है। अब तक यह प्रक्रिया मुख्य रूप से बड़े महानगरों के विशेष चिकित्सा केंद्रों में ही उपलब्ध थी। फातिमा अस्पताल के निदेशक फा० डॉ. संतोष सेबास्टियन ने बताया कि, "हमारे लिए यह अत्यन्त गर्व का क्षण है कि हम गोरखपुर में ही डीएसईके जैसी अत्याधुनिक सर्जरी उपलब्ध करा पा रहे हैं। इससे न केवल मरीजों को मिलेगा, बल्कि उन्हें दूर-दराज के शहरों की यात्रा से भी मुक्ति मिलेगी।"
फातिमा हॉस्पिटल में 40 से अधिक ऑप्टिकल पेनिट्रेटिंग केराटोप्लास्टी (OPK) और थेरेप्यूटिक पेनिट्रेटिंग केराटोप्लास्टी (TPK) सफलतापूर्वक की जा चुकी है।
हॉस्पिटल में डीएसईके की शुरूआत से नेत्र सेवाएं और मजबूत हुई है तथा पूर्वांचल में कॉर्नियल ब्लाइंडनेस के बोझ को कम करने में मदद मिलेगी।
फातिमा हॉस्पिटल उन्नत चिकित्सा तकनीक और गुणवतापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्वी उत्तर प्रदेश के हर व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
1995 में स्थापित फातिमा अस्पताल की सेवाएं प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY), भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS), पूर्वातर रेलवे, एच.ए.एल, एन.टी. पी.सी., भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), गोरखपुर, एस.बी.आई (SBI) एवं मा० मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष, उत्तर प्रदेश आदि से इम्पैनलमैंट है तथा 24 घंटे इंमरजेंसी सेवा, ब्लड बैंक, डायलिसिस यूनिट, फार्मेसी एवं एम्बुलेन्स सेवा उपलब्ध है।