बुढ़ाना। गांव की नालियों में जमा सिल्ट, सड़कों पर फैली गंदगी और सफाई व्यवस्था की कमी से परेशान ग्रामीण युवाओं ने अब खुद बदलाव की पहल शुरू कर दी है। सरकारी व्यवस्था का इंतजार करने के बजाय युवाओं ने अपने हाथों में सफाई की जिम्मेदारी उठाई और गांव में अभियान चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया।

करीब दो दशक पहले गठित बुढ़ाना विकास समिति के सदस्यों ने पहली बार गांव में बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया। समिति के युवाओं ने नालियों में जमा गंदगी और सिल्ट को बाहर निकाला तथा आसपास के क्षेत्रों की सफाई की।

युवाओं ने मिलकर चलाया सफाई अभियान

ग्रामीण युवाओं का कहना है कि लंबे समय से गांव में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से सिल्ट जमा हो गई थी और कई जगह गंदगी का अंबार लग गया था।

समिति के सदस्यों ने तय किया कि केवल शिकायत करने के बजाय अब खुद आगे बढ़कर काम किया जाए। इसके बाद युवाओं ने सफाई अभियान शुरू किया और गांव के कई हिस्सों में सफाई की।

इस अभियान में समिति के सदस्यों ने मिलकर नालियों की सफाई की और जमा हुई गंदगी को बाहर निकाला। युवाओं की इस पहल की ग्रामीणों ने भी सराहना की।

कई बार अधिकारियों से की गई थी मांग

बुढ़ाना विकास समिति के सदस्य ओमेंद्र यादव और रामशंकर यादव ने बताया कि गांव में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए कई बार ग्राम पंचायत सचिव प्रियंका और ग्राम प्रधान बीना देवी से सफाई कराने की मांग की गई थी।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में सफाई कर्मचारी सुनीता की तैनाती भी है, लेकिन इसके बावजूद गांव में अपेक्षित स्तर पर सफाई नहीं हो सकी।

समिति के सदस्यों का कहना है कि लगातार प्रयास के बाद भी जब व्यवस्था में सुधार नहीं दिखा तो युवाओं ने खुद सफाई करने का निर्णय लिया।

सफाई के साथ अन्य अभियानों की भी तैयारी

बुढ़ाना विकास समिति अब केवल सफाई अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहती। समिति के सदस्यों ने बताया कि आने वाले समय में गांव में पौधारोपण, जल संरक्षण और शिक्षा को लेकर भी अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है।

युवाओं का उद्देश्य गांव को स्वच्छ और बेहतर बनाना है। उनका कहना है कि गांव के विकास के लिए केवल प्रशासन पर निर्भर रहने के बजाय ग्रामीणों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

ग्रामीणों ने की युवाओं की सराहना

सफाई अभियान के दौरान युवाओं को काम करते देखकर ग्रामीणों में भी उत्साह नजर आया। लोगों ने कहा कि गांव की समस्याओं को लेकर युवाओं का आगे आना सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह लोग मिलकर अपने आसपास की जिम्मेदारी उठाएं तो गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है।

स्वच्छता के प्रति बढ़ रही जागरूकता

आज के समय में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कई जगह स्थानीय लोग स्वयं आगे आकर सफाई और पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों में भाग ले रहे हैं।

बुढ़ाना विकास समिति की पहल भी इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है। युवाओं ने यह संदेश दिया है कि छोटी-छोटी कोशिशों से भी बड़े बदलाव की शुरुआत की जा सकती है।

गांव विकास में युवाओं की भूमिका अहम

समिति के सदस्यों का कहना है कि गांव के विकास के लिए सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। युवा वर्ग यदि अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे आए तो शिक्षा, पर्यावरण, स्वच्छता और सामाजिक सुधार जैसे क्षेत्रों में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

बुढ़ाना विकास समिति अब नियमित रूप से ऐसे अभियानों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सफाई के बाद समिति की योजना पौधारोपण और जल संरक्षण जैसे कार्यों पर भी काम करने की है।

इस पहल ने यह दिखाया है कि समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। सरकारी व्यवस्था के इंतजार के बजाय ग्रामीण युवाओं ने खुद कदम उठाकर स्वच्छता अभियान की नई मिसाल पेश की है।

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