कछला पुल पर गंगा 52 सेंटीमीटर नीचे, प्रशासन अलर्ट

Update: 2026-07-28 15:57 GMT

कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल नियंत्रण में बना हुआ है। कछला पुल पर गंगा का पानी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है, जिससे अभी तत्काल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। हालांकि, संभावित परिस्थितियों को देखते हुए सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।

सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष की मंगलवार सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार कछला पुल पर गंगा का चेतावनी स्तर 160.800 मीटर और खतरे का स्तर 162.400 मीटर निर्धारित है। मंगलवार सुबह नदी का जलस्तर 161.880 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 0.520 मीटर यानी 52 सेंटीमीटर नीचे है।

अधिकारियों के अनुसार गंगा के जलस्तर में पिछले कुछ समय से कमी आने की प्रवृत्ति देखी जा रही है। इससे प्रशासन ने फिलहाल राहत की सांस ली है। नदी के घटते जलस्तर के कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना कम हो गई है।

बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नरौरा बैराज से वर्तमान में 46,443 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, बिजनौर बैराज से भी पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है। बैराजों से पानी की कम मात्रा छोड़े जाने के कारण कछला पुल पर गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में गंगा के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश नहीं होती है तो जलस्तर सामान्य स्थिति में बना रहने की उम्मीद है। इसके बावजूद किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट जिलाधिकारी प्रणय सिंह, अपर जिलाधिकारी दिग्विजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी बीरेंद्र सिंह समेत लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। अधिकारियों को नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

कासगंज जिले में गंगा किनारे बसे गांवों और घाटों पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। विभागीय टीमें नियमित रूप से जलस्तर की जांच कर रही हैं। हालांकि अभी तक किसी भी प्रकार की बाढ़ चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

प्रशासन ने ग्रामीणों से कहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। साथ ही लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की गई है।

कछला घाट क्षेत्र में भी प्रशासनिक टीमें सक्रिय हैं और नदी की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। मानसून के दौरान गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पहले से तैयारियों में जुटा हुआ है।

अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी इंतजाम पूरे हैं और निगरानी व्यवस्था 24 घंटे जारी रहेगी। जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने की योजना तैयार रखी गई है।

फिलहाल कासगंज में गंगा का जलस्तर सामान्य स्थिति में है और बाढ़ का खतरा टल गया है। फिर भी सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते कदम उठाए जा सकें।

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