कुट्टू आटा और मसालों पर कार्रवाई, मुजफ्फरनगर में FSDA की रेड
खाद्य विभाग की जांच
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हलचल मच गई। कुट्टू के आटे और धनिया-मसालों से जुड़ी इस कार्रवाई में करीब चार लाख रुपये की खाद्य सामग्री सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे और अन्य फलाहारी खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। हालांकि, संबंधित प्रतिष्ठान का नाम, सील की गई सामग्री की कुल मात्रा और जांच के निष्कर्षों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं है।
सुबह-सुबह हुई खाद्य विभाग की कार्रवाई
मुजफ्फरनगर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर विभागीय कार्रवाई की खबर सामने आई है। कार्रवाई में कुट्टू का आटा, धनिया और मसालों को सील किए जाने की जानकारी दी गई है। सील की गई सामग्री की कुल कीमत करीब चार लाख रुपये बताई गई है। खाद्य पदार्थों की जांच के दौरान उनकी गुणवत्ता, भंडारण की स्थिति, पैकेजिंग और निर्धारित नियमों के पालन जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है। संबंधित सामग्री को सील करने के पीछे कौन-सी विशिष्ट अनियमितता पाई गई, इसकी पुष्टि विस्तृत आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों के कितने नमूने लिए गए और उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया या नहीं। इसलिए सामग्री में मिलावट की पुष्टि होने का दावा करना अभी उचित नहीं होगा।
कुट्टू के आटे पर क्यों रहती है विशेष नजर?
नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में लोग व्रत रखते हैं। इस दौरान कुट्टू के आटे से बने व्यंजनों का इस्तेमाल किया जाता है। मांग बढ़ने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग इस तरह के उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच पर विशेष ध्यान देता है। कुट्टू का आटा खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, निर्माण और समाप्ति तिथि तथा निर्माता से संबंधित विवरण देखना उपयोगी होता है। खुले में रखे खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और भंडारण की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।
मुजफ्फरनगर में हुई कार्रवाई का महत्व इसी संदर्भ में देखा जा सकता है। हालांकि, संबंधित मामले में कुट्टू के आटे को सील करने का सटीक कारण सामने नहीं आया है। जांच से जुड़े निष्कर्ष उपलब्ध होने पर ही यह स्पष्ट होगा कि मामला गुणवत्ता संबंधी अनियमितता, भंडारण या किसी अन्य नियम के उल्लंघन से जुड़ा था।
धनिया और मसालों की गुणवत्ता की भी जांच
कुट्टू के आटे के साथ धनिया और मसालों को सील किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। मसालों की गुणवत्ता खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इनमें मिलावट, गलत लेबलिंग या अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारण जैसी अनियमितताओं की जांच संबंधित नियमों के तहत की जा सकती है।
ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जरूरत के अनुसार नमूने एकत्र करते हैं और प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित कारोबारी या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, मुजफ्फरनगर के इस मामले में धनिया और मसालों के नमूनों की रिपोर्ट अथवा किसी विशिष्ट मिलावट की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए सील की गई सामग्री को मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता।
नवरात्र से पहले प्रदेशभर में खाद्य सुरक्षा अभियान
उत्तर प्रदेश में नवरात्र से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए FSDA ने प्रदेशव्यापी अभियान चलाया। विभाग की जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर तक चले इस अभियान में राज्यभर में 20,924 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 66.87 लाख रुपये बताई गई। अभियान के दौरान 176 खाद्य नमूने भी एकत्र किए गए। इस अभियान में घी, खाद्य तेल, कुट्टू और सिंघाड़े का आटा, साबूदाना तथा अन्य फलाहारी खाद्य पदार्थों की जांच की गई। जहां खाद्य सुरक्षा से संबंधित अनियमितताएं मिलीं, वहां नियमों के अनुसार सामग्री जब्त करने, नमूने लेने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाने की कार्रवाई की गई।
विभागीय अभियान का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ पहुंचाना है। मुजफ्फरनगर में कुट्टू के आटे और मसालों से संबंधित कार्रवाई भी खाद्य सुरक्षा को लेकर जारी निगरानी के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी आगे की कार्रवाई
मुजफ्फरनगर में करीब चार लाख रुपये की कुट्टू के आटे और धनिया-मसालों से जुड़ी सामग्री सील किए जाने की खबर सामने आई है। अब मामले में संबंधित प्रतिष्ठान, सामग्री की मात्रा और कार्रवाई के कारण से जुड़े विस्तृत तथ्यों की पुष्टि होना बाकी है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही निकाला जा सकता है। फिलहाल कार्रवाई का प्रमुख तथ्य खाद्य सामग्री का सील किया जाना है। जांच संबंधी अधिकृत जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।