हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक दारोगा के खिलाफ कथित धन उगाही और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। जिस सदर कोतवाली में दारोगा नवीन त्रिपाठी तैनात थे, उसी कोतवाली में उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मुकदमा एक निजी क्लीनिक में काम करने वाले वार्ड बॉय की पत्नी की शिकायत पर दर्ज किया गया है। इससे एक दिन पहले पुलिस अधीक्षक ने आरोपी दारोगा को लाइन हाजिर कर दिया था। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के रमेड़ी तरौस मोहल्ला निवासी रश्मि शर्मा उर्फ अनुष्का ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पति रोहित शर्मा मौदहा कस्बे में संचालित श्रीचंद्र खाटू श्याम बाबा हेल्थ केयर क्लीनिक में एक हड्डी रोग विशेषज्ञ के यहां वार्ड बॉय के रूप में काम करते हैं। कुछ समय पहले हमीरपुर कोतवाली क्षेत्र के कलौलीतीर गांव निवासी मोनू प्रजापति ने हाथ में फ्रैक्चर होने के बाद रोहित से किसी अच्छे डॉक्टर की जानकारी मांगी थी।
महिला के मुताबिक उनके पति ने मोनू को कानपुर के किदवई नगर स्थित चंद्रभान अस्पताल और हैलट अस्पताल के बारे में बताया था। इसके बाद मोनू ने कानपुर में अपने हाथ का इलाज कराया, लेकिन कथित रूप से उसे अपेक्षित लाभ नहीं मिला। आरोप है कि इसी बात को लेकर मोनू रोहित से नाराज हो गया और उसने सदर कोतवाली में तैनात दारोगा नवीन त्रिपाठी को शिकायत दी।
रश्मि शर्मा ने आरोप लगाया कि शिकायत मिलने के बाद दारोगा ने उनके पति पर मोनू को 50 हजार रुपये देने का दबाव बनाया। दोनों पक्षों के बीच कथित रूप से यह तय हुआ कि रोहित पहले 20 हजार और फिर 30 हजार रुपये देगा। महिला के अनुसार उनके पति ने 10 हजार रुपये मोनू प्रजापति और 10 हजार रुपये लल्ला अवस्थी नामक व्यक्ति के बैंक खाते में ऑनलाइन भेजे।
शिकायत में दावा किया गया है कि लल्ला अवस्थी के खाते में भेजी गई रकम दारोगा नवीन त्रिपाठी को दे दी गई। इसके अतिरिक्त उसी दिन रोहित ने लल्ला अवस्थी को चार हजार रुपये नकद दिए और यह रकम भी दारोगा तक पहुंचाई गई। पुलिस इन लेन-देन और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
महिला का आरोप है कि छह अगस्त को दारोगा नवीन त्रिपाठी उसके घर पहुंचे और पति के बारे में पूछताछ की। जब उसने बताया कि रोहित घर पर मौजूद नहीं हैं तो दारोगा ने कथित रूप से शाम तक 55 हजार रुपये देने का दबाव बनाया। रकम नहीं देने पर रोहित को मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
रश्मि के अनुसार पति को कार्रवाई से बचाने के लिए उसने उसी समय दारोगा को 30 हजार रुपये नकद दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी दारोगा ने शेष रुपये की व्यवस्था जल्द करने को कहा और ऐसा नहीं करने पर रोहित को गिरफ्तार कराने की धमकी दी।
महिला ने अपनी शिकायत में आगे बताया कि 10 अगस्त की रात करीब आठ बजे दारोगा नवीन त्रिपाठी उसके पति को घर से पकड़कर थाने ले गए। आरोप लगाया गया है कि इसके बाद रोहित के खिलाफ कथित रूप से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस अधिकारियों से करते हुए दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
तहरीर के आधार पर सदर कोतवाली पुलिस ने नवीन त्रिपाठी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 13(1)(बी) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी रामआसरे सरोज ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और पैसों के लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर दर्ज होने से एक दिन पहले ही पुलिस अधीक्षक ने नवीन त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया था।