वाराणसी। दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में जान गंवाने वाले चंदौली निवासी छात्र अभिषेक कुमार का अंतिम संस्कार मंगलवार को वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर किया गया। अभिषेक की मौत की खबर से उसके गांव और परिवार में शोक का माहौल है। परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए दिल्ली पढ़ाई करने गए अभिषेक की असमय मौत ने हर किसी को झकझोर दिया।
अभिषेक उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का रहने वाला था और दिल्ली में बी.कॉम सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। वह वर्ष 2025 से दिल्ली में रह रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि पढ़-लिखकर वह अपने भविष्य को बेहतर बनाएगा और घर की जिम्मेदारियों को संभालेगा, लेकिन सत्य निकेतन हादसे ने इन सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
सत्य निकेतन हादसे में गई थी जान
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में पांच छात्र शामिल थे। इसी हादसे में अभिषेक कुमार की भी जान चली गई।
घटना के समय अभिषेक उसी इमारत में मौजूद था, जहां अचानक बिल्डिंग का हिस्सा ढह गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
दिल्ली से अभिषेक का पार्थिव शरीर उसके पैतृक क्षेत्र लाया गया, जहां अंतिम संस्कार की तैयारियां की गईं।
मणिकर्णिका घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को अभिषेक का पार्थिव शरीर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पहुंचा। यहां पूरे विधि-विधान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया।
अभिषेक के पिता संतोष कुमार खरवार ने नम आंखों से अपने बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और गांव के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।
परिवार के सपने अधूरे रह गए
अभिषेक के परिवार ने उसे बेहतर भविष्य के लिए दिल्ली भेजा था। वह पढ़ाई कर अपने करियर को मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा था।
परिवार को उम्मीद थी कि अभिषेक मेहनत कर सफलता हासिल करेगा और घर की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगा। लेकिन एक हादसे ने परिवार की सारी उम्मीदों को तोड़ दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि अभिषेक शांत स्वभाव का था और पढ़ाई को लेकर गंभीर रहता था। उसकी मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है।
गांव में पसरा मातम
अभिषेक की मौत की खबर मिलने के बाद चंदौली स्थित उसके गांव में मातम छा गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार के साथ दुख बांटने पहुंचे।
लोगों ने कहा कि अभिषेक जैसे होनहार छात्र का इस तरह चले जाना बेहद दुखद है। ग्रामीणों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी की।
सात मौतों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे ने दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में सात लोगों की मौत के बाद प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मृतकों में अधिकतर छात्र थे, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिल्ली आए थे। इस घटना ने कई परिवारों को गहरा दर्द दिया है।
छात्रों के परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले छात्र अलग-अलग राज्यों से दिल्ली आए थे। कोई उच्च शिक्षा के लिए आया था तो कोई अपने करियर को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा था।
इन युवाओं के परिवारों ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के सपने देखे थे, लेकिन हादसे ने सब कुछ बदल दिया।