आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सिकंदरा क्षेत्र में एक व्यक्ति ने कथित रूप से अपनी 11 महीने की मासूम बेटी को यमुना नदी में फेंक दिया। आरोपी को शक था कि बच्ची उसकी बेटी नहीं है। वारदात के बाद पत्नी की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। बच्ची का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उसकी तलाश के लिए पीएसी के गोताखोरों की टीम लगाई गई है।
घटना सिकंदरा थाना क्षेत्र के अकबरा पुल की बताई जा रही है। आरोपी की पहचान बदाम गढ़ी गांव निवासी रिंकू उर्फ चंद्रवीर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या और दहेज उत्पीड़न सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। प्रकरण में नामजद परिवार के तीन अन्य सदस्य अभी फरार बताए जा रहे हैं।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार, रिंकू की शादी करीब ढाई साल पहले राजस्थान के भरतपुर निवासी लक्ष्मी के साथ हुई थी। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल में लक्ष्मी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। पति और परिवार के अन्य सदस्य उसके साथ मारपीट करते थे। घरेलू विवाद के कारण लक्ष्मी काफी समय से अपने मायके में रह रही थी। करीब 20 दिन पहले ही पंचायत के बाद वह वापस अपनी ससुराल आई थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी रिंकू अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। उसे संदेह था कि पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध है और 11 महीने की बच्ची उसकी बेटी नहीं है। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। शुक्रवार दोपहर रिंकू अपनी पत्नी और बेटी को बाइक पर बैठाकर घर से निकला था।
बताया गया कि रास्ते में भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। अकबरा पुल पर पहुंचने के बाद आरोपी ने बाइक रोक दी। आरोप है कि उसने फोटो खींचने का बहाना बनाकर बच्ची को पत्नी की गोद से लिया और अचानक उसे यमुना नदी में फेंक दिया। पति की हरकत देखकर पत्नी के होश उड़ गए और उसने मदद के लिए चीखना शुरू कर दिया।
महिला की आवाज सुनकर राहगीर मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने भागने का प्रयास कर रहे आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने पत्नी पर संदेह की बात स्वीकार की। उसने कथित तौर पर यह भी कहा कि राहगीर नहीं आते तो वह पत्नी को भी नुकसान पहुंचा सकता था।
पुलिस ने मामले में आरोपी रिंकू के साथ उसके भाई ओमवीर, पिता नारायण सिंह और परिवार की एक महिला को भी नामजद किया है। परिवार के इन सदस्यों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। रिंकू पर बच्ची की हत्या और दहेज उत्पीड़न दोनों के आरोप लगाए गए हैं। अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
पीड़िता के मायके वालों का कहना है कि रिंकू उनकी बेटी के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। पंचायत के बाद उन्होंने बेटी को दोबारा ससुराल भेज दिया था, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि आरोपी इतनी गंभीर वारदात को अंजाम दे देगा। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उधर, पुलिस और पीएसी की टीम यमुना में बच्ची की तलाश कर रही है। गोताखोरों को नदी में उतारा गया है, लेकिन अभी तक मासूम का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।