गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हाईवे पर लूट की बड़ी वारदात सामने आई है। वेव सिटी थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने मेरठ निवासी एक उद्यमी के बेटे को गोली मारने की धमकी देकर उससे 24.85 लाख रुपये लूट लिए। हाईवे पर हुई इस वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो घटना के पीछे पहले से रची गई साजिश की बात सामने आई। पुलिस ने तीन संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके अलावा दो गाड़ियों को भी कब्जे में लिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मेरठ निवासी उद्यमी का बेटा शुक्रवार रात गाजियाबाद के वेव सिटी थाना क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी दौरान स्कॉर्पियो में सवार बदमाशों ने उसका पीछा किया और मौका मिलते ही उसे रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने हथियार का डर दिखाते हुए गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद उसके पास मौजूद 24 लाख 85 हजार रुपये लूटकर मौके से फरार हो गए।
वारदात हाईवे पर होने के कारण मामला सामने आते ही पुलिस सक्रिय हो गई। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ संदिग्ध वाहनों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने पीड़ित से भी पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली। जांच आगे बढ़ने के साथ कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना अचानक हुई लूट नहीं बल्कि इसके पीछे पहले से साजिश रची गई थी। आशंका है कि आरोपियों को रकम के आने-जाने की जानकारी पहले से थी। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि पीड़ित की गतिविधियों और उसके पास मौजूद रकम की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची।
सूत्रों का दावा है कि लूट की साजिश रचने में पीड़ित पक्ष के एक पड़ोसी की भूमिका सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह पूर्व में हत्या के एक मामले में दस साल की सजा काट चुका है। आरोप है कि उसने हवाला से जुड़े करीब तीन करोड़ रुपये लूटने की योजना बनाई थी। हालांकि, हवाला से संबंधित इस दावे की आधिकारिक पुष्टि और रकम के वास्तविक स्रोत को लेकर जांच जारी है। पुलिस पूरे मामले में सबूत जुटाने और आरोपों की सत्यता की पड़ताल में लगी हुई है।
जांच एजेंसियों के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बदमाशों को बड़ी रकम के बारे में सटीक जानकारी किसने दी। क्या पीड़ित की रेकी पहले से की जा रही थी या फिर किसी परिचित ने उसकी आवाजाही की सूचना आरोपियों तक पहुंचाई थी, इसकी भी जांच की जा रही है। घटना में इस्तेमाल किए गए वाहनों और आरोपियों के आपसी संपर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मामले में पुलिस ने तीन संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया है। उनसे अलग-अलग पूछताछ कर घटना की पूरी कहानी जानने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने दो गाड़ियों को भी कब्जे में लिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इन वाहनों का इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने, रेकी करने या आरोपियों को मौके से भगाने में किया गया था या नहीं।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे। हिरासत में लिए गए लोगों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और आपसी संपर्क की जानकारी भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसके अलावा हाईवे के टोल प्लाजा और आसपास के प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों की फुटेज के जरिए संदिग्ध वाहनों के आने-जाने का समय पता लगाने की कोशिश की जा सकती है।
वारदात में 24.85 लाख रुपये लूटे जाने की बात सामने आई है, जबकि सूत्रों के अनुसार कथित साजिश इससे कहीं बड़ी रकम को निशाना बनाकर तैयार की गई थी। इसी कारण पुलिस रकम के स्रोत और पूरी योजना दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। यदि जांच में हवाला से जुड़ा कोई तथ्य सामने आता है तो मामले में दूसरी एजेंसियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
हाईवे पर स्कॉर्पियो सवार बदमाशों द्वारा हथियार के बल पर इतनी बड़ी रकम लूटे जाने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच तेज कर दी है। साथ ही वारदात से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान और तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। तीन संदिग्धों से पूछताछ और दो वाहनों को कब्जे में लिए जाने के बाद पुलिस को मामले की कई अहम कड़ियां मिलने की उम्मीद है। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगा कि लूट की वास्तविक साजिश किसने रची, इसमें कितने लोग शामिल थे और 24.85 लाख रुपये की रकम कहां से आई थी।