मुज़फ्फरनगर में जिला सहकारी बैंक के सचिव निलंबित, पैसे लेकर तबादले करने का था आरोप
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मुजफ्फरनगर। जिला सहकारी बैंक मुजफ्फरनगर में कई स्तर पर कर्मचारियों को स्थानांतरित किए जाने पर शासन ने गंभीर रूख अपनाते हुए जिला सहकारी बैंक के सचिव प्रवीण कुमार को निलंबित कर दिया और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टर संदीप मलिक द्वारा शिकायत की गई थी कि बैंक सचिव द्वारा 100 से अधिक बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले कर दिए गए हैं, जिसमें तबादला नीति का खुला उल्लंघन किया गया है। शिकायत में कहा गया था कि बैंक के सचिव द्वारा बड़ी संख्या में कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए तथा तथ्यों को छुपाते हुए मैनिपुलेशन कर अनेकों कर्मचारियों को एक शाखा से दूसरी शाखा में स्थानांतरित किया गया है। ताकि अग्रिम ट्रांसफर को स्थानांतरण में ना गिना जाए।
उन्होंने कहा कि बैंक में लगभग 230 कर्मचारी कार्य करते हैं, जिनमें 105 कर्मचारियों के स्थानांतरण नियम के विरुद्ध किए गए हैं। 105 स्थानांतरण की सूची भी शिकायतकर्ता ने शासन के अधिकारियों को भेजी थी। शिकायत में कहा गया कि सचिव द्वारा धनबल व राजनीतिक पहुंच के चलते शासन नीति का खुला उल्लंघन किया गया है। शासन ने शिकायत को गंभीर मानते हुए उच्च स्तरीय जांच कराई, जिसमें अधिकांश शिकायतें सही पाई गई और पाया कि कर्मचारियों के तबादला करते हुए नियम संगत प्रावधानों के अनुपालन में शिथिलता बरती गई है। इस पर शासन ने जिला सहकारी बैंक के सचिव प्रवीण कुमार को निलंबित करते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है तथा 15 दिन के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। प्रशासनिक कमेटी ने 23 दिसंबर को एक बैठक में निलंबन का आदेश जारी करते हुए आरोपों को गंभीर मानते हुए जिला सहकारी बैंक मुरादाबाद से संबद्ध करने के आदेश जारी किए हैं।