प्रतापगढ़: तेरह साल जेल में रहने के बाद मुंबई गया युवक घर लौटा तो रेलवे स्टेशन पर ही पकड़ लिया गया. वह जमानत पर रिहा हुआ तो परिवार के लोगों को पता नहीं चला. उसका शव अपनी महिला मित्र के घर मिला. मृतक के भाई और मां ने महिला मित्र पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है.

शहर के दहिलामऊ पुरानी दीवानी का रहने वाला 38 वर्षीय मनोज कुमार करीब 14 साल पहले पड़ोस में ही एक बच्ची की हत्या में जेल गया, तो तीन-चार साल पहले रिहा हुआ. उसे जमानत दिलाने में रानीगंज के नरसिंहगढ़ की एक महिला ने मदद की थी. जेल से निकलने के बाद उसकी दोस्ती रानीगंज नरसिंहगढ़ की एक महिला से दोस्ती हो गई. वह अक्सर महिला के घर जाकर रहने लगा. बाद में मुंबई गया लेकिन दो माह पहले आया तो रेलवे स्टेशन पर छिनैती के मामले में जेल भेज दिया गया. घर वालों ने जमानत नहीं कराई. महिला मित्र ने जमानत कराई तो वह उसके ही घर जाकर रहने लगा. शाम महिला ने मनोज के घर आकर उसके भाई विनोद और मां कमला देवी को बताया कि उसकी मौत हो गई है.

विनोद पुलिस के साथ पहुंचा तो ताला तोड़कर शव कमरे से निकाला गया. उसके भाई और मां महिला मित्र पर जहर देकर हत्या का आरोप लगाने लगे. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा. इस बाबत रानीगंज के एसआई अमित सिंह ने बताया कि महिला बता रही है कि वह रात नशे की हालत में उसके घर पहुंचा था. वह उसे मऊआइमा के एक नर्सिंगहोम ले गई थी लेकिन उसकी मौत हो गई. वह घर वालों को फोन पर सब कुछ बताती रही लेकिन कोई आया नहीं.

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