नकली नोट बनाने की मशीन और 315 जाली नोट बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
25 हजार के बदले एक लाख के नकली नोट!
अलापुर (बदायूं): उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में नकली नोट तैयार करने के मामले का खुलासा हुआ है। अलापुर थाना क्षेत्र के भसराला गांव में पुलिस ने छापेमारी कर कथित तौर पर नकली भारतीय करेंसी बनाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से 500 रुपये के 315 जाली नोट बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत 1 लाख 57 हजार 500 रुपये बताई गई है। इसके अलावा छह अधबने नोट और नकली करेंसी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नकली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में चलाने के कथित नेटवर्क को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी घर में ही नकली नोट बनाने का काम कर रहे थे। तैयार नोटों को ग्रामीण और कस्बाई बाजारों में खपाने की बात भी सामने आई है।
पांच सौ रुपये के 315 नकली नोट बरामद
मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यावर अली और नुरुल हसन के रूप में बताई गई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 500 रुपये के कुल 315 कथित नकली नोट बरामद किए। इन नोटों का कुल मूल्य 1,57,500 रुपये है। कार्रवाई के दौरान छह अधबने नोट भी मिले, जिन्हें तैयार करने का काम पूरा नहीं हुआ था। पुलिस ने नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाली डाई मशीन और अन्य उपकरणों को भी जब्त किया है। बरामद सामग्री की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली नोट किस तरह तैयार किए जा रहे थे और इस काम में किन संसाधनों का इस्तेमाल हुआ।
25 हजार के बदले एक लाख रुपये देने का आरोप
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर 25 हजार रुपये की असली रकम के बदले एक लाख रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराने का लालच देते थे। इस तरह के प्रस्ताव के जरिए लोगों को अपने नेटवर्क से जोड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में सामने आए सभी तथ्यों की पुष्टि जांच और पुलिस की आधिकारिक जानकारी से ही होगी। नकली नोटों का कारोबार आर्थिक अपराध की गंभीर श्रेणी में आता है। इस तरह की करेंसी बाजार में पहुंचने से दुकानदारों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए नकली नोट तैयार करने और उन्हें चलाने के मामलों में बरामदगी के साथ-साथ उनके वितरण नेटवर्क का पता लगाना भी महत्वपूर्ण होता है।
गांव और कस्बों तक सप्लाई की आशंका
मामले में यह पता लगाना अहम है कि आरोपियों ने अब तक कितनी नकली करेंसी तैयार की और कितने नोट बाजार में पहुंचाए। पुलिस की जांच में उनके संपर्कों, संभावित खरीदारों और नकली नोटों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट करना होगा कि नकली नोटों को किन क्षेत्रों में भेजा गया और क्या इस काम में दूसरे लोग भी शामिल थे। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क के विस्तार के बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
बरामद उपकरणों से नेटवर्क की जांच
पुलिस ने नकली नोटों के साथ उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मशीन और अन्य सामग्री जब्त की है। इन उपकरणों की जांच से मामले से संबंधित अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है। साथ ही, बरामद नोटों और अधबने नोटों की जांच से उनके निर्माण और इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों को समझने में मदद मिल सकती है। बदायूं में हुई इस कार्रवाई ने नकली करेंसी के अवैध कारोबार को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाई है। फिलहाल मामले में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी की जानकारी सामने आई है। आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि कथित कारोबार कितने समय से चल रहा था और इसका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ था।