SIR मतदाता सूची पर कांग्रेस का हमला: प्रमोद तिवारी बोले

Update: 2026-04-10 16:21 GMT
Lucknow लखनऊ — उत्तर प्रदेश में अंतिम SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) मतदाता सूची जारी होने के बाद सियासत तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि नई मतदाता सूची को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि बड़ी संख्या में गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग, जो रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं और साल में एक-दो बार ही अपने गांव लौट पाते हैं, उनके नाम सूची से ज्यादा काटे गए हैं।
कांग्रेस सांसद ने यह भी दावा किया कि एक विशेष धर्म के लोगों के नाम disproportionately हटाए गए हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि आयोग की विश्वसनीयता पर अब सवाल उठने लगे हैं। उनके मुताबिक, मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, लेकिन इस प्रक्रिया में गंभीर खामियां दिखाई दे रही हैं।
हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आमतौर पर SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है, जिसमें मृत, स्थानांतरित या अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाता है। इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक घमासान और तेज होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष इस मामले को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
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