लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी-2026) को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और परीक्षा सामग्री के सुरक्षित वितरण को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। उन्होंने अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों और ट्रेनों की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी-2026) की तैयारियों की समीक्षा की। यह परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित की जानी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

अभ्यर्थियों के लिए अतिरिक्त बसें और ट्रेनें चलाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। परीक्षा के दिनों में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के एक जिले से दूसरे जिले में यात्रा करने की संभावना है। ऐसे में रेलवे और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त बसों और ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले परीक्षार्थियों की यात्रा को सुगम बनाने पर ध्यान दिया जाए। परिवहन विभाग को अभ्यर्थियों की संभावित संख्या और यात्रा की जरूरतों के आधार पर आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।

परीक्षा सामग्री की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा सामग्री की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों तक सामग्री पहुंचाने के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस एस्कॉर्ट के साथ वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

परीक्षा सामग्री के परिवहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं।

परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन से लेकर परीक्षा केंद्रों पर उसके निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपयोग तक प्रत्येक स्तर पर निगरानी महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही से परीक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।

परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की आवाजाही, सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई गई।

परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। प्रवेश और निकास के समय अनावश्यक भीड़ न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर उचित प्रबंधन की जरूरत होगी।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। परीक्षा संचालन के दौरान किसी भी स्तर पर अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।

रेलवे और परिवहन विभाग के बीच बेहतर समन्वय जरूरी

पीईटी-2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने रेलवे और परिवहन विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने को कहा है। परीक्षा के दिनों में रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है।

ऐसे में अतिरिक्त परिवहन सेवाओं की व्यवस्था से अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से उन परीक्षार्थियों को सुविधा होगी, जिन्हें परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार संबंधित विभागों को अभ्यर्थियों की संभावित आवाजाही का आकलन करते हुए आवश्यक कदम उठाने होंगे। इससे परीक्षा के समय परिवहन सेवाओं पर बढ़ने वाले दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ी

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद परीक्षा से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी और महत्वपूर्ण हो गई है। परीक्षा केंद्रों तक सामग्री पहुंचाने, पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने और अभ्यर्थियों के आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों को मिलकर काम करना होगा।

जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, रेलवे और परिवहन विभाग के बीच समन्वय परीक्षा के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाएगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसका समय रहते समाधान किया जा सके।

लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है पीईटी परीक्षा

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। आयोग की विभिन्न समूह 'ग' भर्तियों में पीईटी स्कोर का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है।

यही कारण है कि इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में विशेष उत्साह रहता है। परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचना, सुरक्षित वातावरण में परीक्षा देना और परिवहन की सुविधाएं उपलब्ध होना परीक्षार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पीईटी-2026 के आयोजन में सुरक्षा, पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की सुविधा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। अब संबंधित विभागों के सामने इन निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी है, ताकि निर्धारित तिथियों पर परीक्षा व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जा सके।

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