सिविल डिफेंस अब सिर्फ युद्ध नहीं, आपदा में भी सक्रिय: Yogi

Update: 2026-06-01 04:45 GMT

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि सिविल डिफेंस कर्मियों की भूमिका अब केवल युद्ध जैसी परिस्थितियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आपदा प्रबंधन, राहत कार्य और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने में भी उनकी भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने लखनऊ में सिविल डिफेंस विभाग के कामकाज की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने विभाग की वर्तमान कार्यप्रणाली और भविष्य की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बदलते समय में आपदाओं की प्रकृति और चुनौतियों को देखते हुए सिविल डिफेंस को और अधिक सक्षम और सशक्त बनाया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहत और बचाव कार्य, आग बुझाने, प्राथमिक चिकित्सा, खोज और बचाव अभियान तथा आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सिविल डिफेंस की भूमिका को और मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि इन सभी क्षेत्रों में कर्मियों को आधुनिक प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि प्राकृतिक आपदाओं, औद्योगिक दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों के दौरान सिविल डिफेंस की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे हालात में त्वरित प्रतिक्रिया ही जन-जीवन और संपत्ति को होने वाले नुकसान को कम कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिविल डिफेंस को स्थानीय स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाया जाए, ताकि गांवों और शहरों दोनों जगह आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नियमित और व्यापक बनाया जाए, जिससे अधिक से अधिक स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन की तकनीकों में दक्ष किया जा सके।

बैठक में अधिकारियों ने सिविल डिफेंस की वर्तमान गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इसके साथ ही भविष्य की योजनाओं और सुधारों पर भी चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि बदलते समय में आपदाओं और संकटों से निपटने के लिए एक मजबूत और प्रशिक्षित सिविल डिफेंस प्रणाली बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह केवल सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा नहीं है, बल्कि समाज की सुरक्षा और त्वरित सहायता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में राहत कार्य तेजी से और प्रभावी ढंग से किया जा सके।

इस समीक्षा बैठक को राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में बेहतर तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

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