मुरादाबाद। चंदौसी-बिलारी हाईवे पर अमरपुर काशी गांव के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बिलारी पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे में दो कांवड़ियों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने यह कार्रवाई मृतक कांवड़िये अभिषेक कुमार के पिता मनोज कुमार की तहरीर के आधार पर की है।

घटना के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं पुलिस अब हादसे के कारणों और ट्रक चालक की भूमिका की जांच कर रही है।

हरिद्वार गंगाजल लेने जा रहे थे कांवड़िये

जानकारी के अनुसार, बदायूं जिले के उसावां थाना क्षेत्र निवासी मनोज कुमार ने बिलारी पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका बेटा अभिषेक कुमार अपने साथियों बृजेश और पवन उर्फ छोटू के साथ 14 अगस्त की रात बाइक से हरिद्वार गंगाजल लेने के लिए निकला था।

तीनों युवक कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार जा रहे थे। सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों में जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। इसी धार्मिक यात्रा के दौरान यह हादसा हो गया।

अमरपुर काशी गांव के पास हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि चंदौसी-बिलारी हाईवे पर अमरपुर काशी गांव के पास कांवड़ियों की बाइक की ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक ट्रक में जा घुसी।

टक्कर के बाद बाइक सवार तीनों कांवड़िये गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया।

इसके बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन अभिषेक कुमार और एक अन्य कांवड़िये की मौत हो गई। वहीं तीसरे साथी की हालत गंभीर बताई गई।

पिता की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा

हादसे के बाद मृतक अभिषेक कुमार के पिता मनोज कुमार ने बिलारी थाने में तहरीर दी। उन्होंने ट्रक चालक पर लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने का आरोप लगाया।

पुलिस ने तहरीर के आधार पर ट्रक चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद हादसे की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। दोषी पाए जाने पर आरोपी चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

परिवार में छाया मातम

अभिषेक कुमार की मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस यात्रा को लेकर परिवार में उत्साह था, वह अचानक मातम में बदल गई।

कांवड़ यात्रा पर निकले युवकों के साथ हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ जाती है दुर्घटनाओं की आशंका

सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल और वाहनों से कांवड़ यात्रा करते हैं। इस दौरान हाईवे और मुख्य मार्गों पर कांवड़ियों की आवाजाही बढ़ जाती है।

प्रशासन की ओर से लगातार श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की जाती है। बावजूद इसके कई बार तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हादसे हो जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए और गति सीमा का पालन करना चाहिए।

पुलिस कर रही हादसे की जांच

बिलारी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल की जानकारी जुटाने के साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर सकती है।

इसके अलावा हादसे में शामिल ट्रक और चालक से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के समय ट्रक किस गति से चल रहा था और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।

सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार भारी वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

लोगों ने मांग की है कि हाईवे पर वाहन चालकों की निगरानी बढ़ाई जाए और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

आगे की कार्रवाई जारी

फिलहाल पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे में घायल कांवड़िये का इलाज जारी है।

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मृतक कांवड़ियों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस सभी जरूरी कदम उठा रही है।

चंदौसी-बिलारी हाईवे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी की जरूरत को सामने लाता है। धार्मिक यात्रा के दौरान सतर्कता और यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

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