बलिया: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विजयपति द्विवेदी ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे 15 स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। साथ ही, संदिग्ध कर्मचारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाने और उनकी नियुक्ति से संबंधित अभिलेखों के सत्यापन के निर्देश जारी किए गए हैं।

गोपनीय जांच में हुआ खुलासा

सीएमओ ने तहरीर में बताया कि जनपद के विभिन्न प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुछ कर्मचारी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वेतन ले रहे थे। इस मामले की गोपनीय जांच कराई गई, जिसके दौरान संदिग्ध कर्मियों के अभिलेखों में अनियमितता पाई गई। जांच के दौरान ही ये कर्मचारी फरार हो गए।

इस संबंध में महानिदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) को पत्र भेजकर सत्यापन की मांग की गई। महानिदेशक कार्यालय से प्राप्त पत्र में पुष्टि हुई कि 15 स्वास्थ्यकर्मी फर्जी अभिलेखों के आधार पर विभाग को धोखा देकर वेतन प्राप्त कर रहे थे।

फर्जी पाए गए कर्मचारियों की सूची

1. सुश्री चंदा (चिलकहर)

2. सुश्री गीता यादव (नरही)

3. उपेन्द्र (बसुधरपाह)

4. जितेंद्र यादव (अगउर बांसडीह)

5. संतोष कुमार (अगउर बांसडीह)

6. अनिल कुमार (बसुधरपाह)

7. अजय कुमार (रेवती)

8. विकास यादव (अगउर बांसडीह)

9. आशीष कुमार सिंह (बसंतपुर)

10. अनिल (गनियर)

11. संदीप कुमार (खेजुरी)

12. शिवम यादव (जयप्रकाश नगर)

13. विवेक कुमार (मनियर)

14. अंकित कुमार (बसुधरपाह)

15. राहुल (सुखपुरा)

मुकदमा दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

सीएमओ की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने सभी 15 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

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