परिजनों का कहना है कि मृतक को कई बार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ गई और यह हादसा हुआ। इसके बाद परिवार के सदस्य सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। यह जाम कई घंटे तक चला और यातायात में भारी रुकावट आई।
घटना की जानकारी मिलते ही सांसद मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिवार से मुलाकात की। सांसद ने शहीद के परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन भी मामले की गंभीरता को समझते हुए मामले की जांच में जुट गया है।
मृतक का नाम और अन्य विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन उनके परिवार का कहना है कि वे शहीद के बेटे के रूप में देश की सेवा कर रहे थे, और उनकी यह दुखद मौत इस संघर्ष का हिस्सा नहीं होनी चाहिए थी। परिजनों ने मांग की है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और शहीद के परिवार को उचित मुआवजा और न्याय प्रदान करे।
इस घटना ने अयोध्या में शहीदों के परिवारों के लिए सुरक्षा और सम्मान के मामलों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।