अमरोहा: वर्ष 2020 में किसान की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम हेमलता त्यागी की अदालत ने नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए उन पर कुल 5.89 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

घटना 9 जुलाई 2020 की है, जब डिडौली थाना क्षेत्र के फराशपुरा गांव निवासी किसान बाबूराम की उनके ही भतीजे बलवीर और उसके साथियों ने लाठी-डंडों और सरियों से पीटकर हत्या कर दी थी। मामला घर के सामने रास्ते को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा था।

हमले में बाबूराम की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बचाव में आए परिवार के अन्य सदस्य — उमेश, रचना, रामचंद्र, राधेश्याम, सुमित्रा और शिवचंद्र — भी बुरी तरह घायल हो गए थे।

पुलिस ने राधेश्याम की तहरीर पर बलवीर, पवन, चमन सिंह, उभन उर्फ विपुल, चंद्रपाल सिंह, मोहित, देवेंद्र, विकास, रोहित समेत 16 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।

सुनवाई के दौरान अदालत ने बाबूराम की हत्या के मामले में मोहित, विकास, चमन, रोहित, उभन, देवेंद्र, पवन, चंद्रपाल और बलवीर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

वहीं, इस विवाद के दूसरे पक्ष में मारपीट से जुड़े मामले में अदालत ने उमेश सिंह, राजेश उर्फ राधेश्याम, रचित, दिनेश सिंह, रामचंद्र, दीपक, शिवचंद्र, मोहित और अमित को दोषी मानते हुए पांच-पांच साल की सजा सुनाई।

विशेष लोक अभियोजक रतनलाल लोधी ने बताया कि यह फैसला गुरुवार को सजा निर्धारण की सुनवाई के बाद सुनाया गया।

यह मामला ग्रामीण क्षेत्र में पारिवारिक विवाद से उपजे हिंसक संघर्ष का भयावह उदाहरण बन गया है, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था की गंभीरता पर भी सवाल खड़े हुए।

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