रायबरेली। जिला महिला अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में मरीजों को परोसी गई कच्ची रोटियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मरीजों और उनके तीमारदारों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की भोजन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मरीजों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को इलाज के साथ-साथ पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना बेहद जरूरी है, लेकिन यदि भोजन की गुणवत्ता में इस तरह की लापरवाही होगी तो इसका सीधा असर मरीजों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में जिला महिला अस्पताल में भर्ती कुछ महिलाओं को दिए गए भोजन में रोटियां कच्ची दिखाई दे रही हैं। वीडियो में भोजन की स्थिति देखकर लोगों ने नाराजगी जताई और अस्पताल प्रबंधन से व्यवस्था में सुधार की मांग की।
अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है, ऐसे में भोजन में लापरवाही गंभीर विषय है।
मरीजों के तीमारदारों ने आरोप लगाया कि भोजन तैयार करने और वितरण की प्रक्रिया की नियमित निगरानी नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय-समय पर भोजन की जांच की जाए तो इस तरह की समस्या सामने नहीं आएगी।
वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा है कि मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए क्या व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों को बेहतर उपचार के साथ-साथ उचित खानपान उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। खासकर महिला अस्पतालों में भर्ती गर्भवती महिलाओं के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था जरूरी होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भवती महिलाओं के भोजन में प्रोटीन, विटामिन और जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए। भोजन की खराब गुणवत्ता से मरीजों की सेहत प्रभावित हो सकती है और उनकी रिकवरी में भी परेशानी आ सकती है।
मरीजों और तीमारदारों ने मांग की है कि भोजन बनाने वाली एजेंसी और रसोई व्यवस्था की जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले में जांच कराए जाने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि यदि भोजन व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि भोजन तैयार करने से लेकर मरीजों तक पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाए।
फिलहाल कच्ची रोटी का वीडियो वायरल होने के बाद जिला महिला अस्पताल की भोजन व्यवस्था सवालों के घेरे में है। मरीज और उनके परिजन अब बेहतर व्यवस्था और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।