लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने महिलाओं को साधने के लिए बड़ा चुनावी दांव चला है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा महिलाओं को हर महीने दो दिन की विशेष छुट्टी देने के वादे की हो रही है। सपा ने इसे **'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना'** के तहत लागू करने का ऐलान किया है।
सपा के इस वादे को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पुराने फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है। लालू यादव के कार्यकाल में महिलाओं के लिए पीरियड लीव यानी मासिक धर्म के दौरान विशेष अवकाश की व्यवस्था की गई थी। अब अखिलेश यादव ने भी इसी तरह की सुविधा देने का वादा किया है।
महिलाओं को हर महीने दो दिन की छुट्टी का वादा
समाजवादी पार्टी की ओर से किए गए ऐलान के मुताबिक, अगर प्रदेश में सपा की सरकार बनती है तो सरकारी और निजी संस्थानों में काम करने वाली महिलाओं को हर महीने दो दिन का विशेष अवकाश दिया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इसका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और कार्यस्थल पर सुविधा को बढ़ावा देना है।
सपा नेताओं का कहना है कि महिलाएं घर और नौकरी दोनों की जिम्मेदारियां संभालती हैं। ऐसे में उन्हें शारीरिक और मानसिक राहत देने के लिए इस तरह की व्यवस्था जरूरी है।
महिलाओं के लिए आर्थिक मदद का भी ऐलान
अखिलेश यादव ने महिलाओं को लेकर सिर्फ छुट्टी का ही नहीं, बल्कि आर्थिक सहायता का भी वादा किया है। सपा ने सत्ता में आने पर महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
पार्टी का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है। सपा ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी सुविधाओं का भी वादा किया है।
चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा ऐलान
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में महिला मतदाता बड़ी भूमिका निभाती हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल महिलाओं को ध्यान में रखकर योजनाओं और घोषणाओं का ऐलान कर रहे हैं।
अखिलेश यादव के इन वादों को भी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी महिला वोट बैंक को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य, सुरक्षा, आर्थिक सहायता और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर जोर दे रही है।
बेटियों और महिलाओं के लिए भी कई घोषणाएं
सपा ने महिलाओं के साथ-साथ बेटियों की शिक्षा को लेकर भी घोषणाएं की हैं। पार्टी की ओर से इंटर पास करने वाली छात्राओं को लैपटॉप देने और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आवास जैसी योजनाओं का वादा किया गया है।
अखिलेश यादव का कहना है कि महिलाओं को मजबूत किए बिना प्रदेश का विकास संभव नहीं है। पार्टी की योजनाओं में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया गया है।
विरोधियों के निशाने पर भी योजना
हालांकि विपक्षी दलों ने इन घोषणाओं को चुनावी वादे बताते हुए सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन उन्हें लागू करना बड़ी चुनौती होती है।
वहीं समाजवादी पार्टी का दावा है कि उसकी सरकार बनने पर महिलाओं से जुड़े इन सभी वादों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।
क्या होगा असर?
महिलाओं को हर महीने दो दिन की छुट्टी देने का वादा अगर लागू होता है तो यह कामकाजी महिलाओं के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। खासकर निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए यह सुविधा स्वास्थ्य और कार्य संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल अखिलेश यादव की यह घोषणा उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। चुनावी माहौल में महिलाओं को केंद्र में रखकर किए जा रहे ये वादे आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
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