गोरखपुर। धुलाई सेंटर पर मंगलवार सुबह एयर कंप्रेसर की टंकी फटने से बड़ा हादसा हो गया। धमाका इतना तेज था कि पास खड़े सेंटर संचालक आनंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट के प्रभाव से उनका दाहिना हाथ कोहनी के पास से कटकर दूर खेत में जा गिरा। हादसे में उनके पास मौजूद विशाल सिंह भी टंकी के मलबे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। घायल अवस्था में पड़े दोनों लोगों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। बाद में दोनों को बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

बताया जा रहा है कि आनंद सिंह की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। विस्फोट में उनके हाथ को गंभीर नुकसान पहुंचा है और अधिक खून बहने के कारण उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

वहीं विशाल सिंह भी एयर कंप्रेसर टंकी के फटने के दौरान निकले धातु के टुकड़ों और मलबे की चपेट में आ गए। उन्हें भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। मेडिकल कॉलेज में उनका उपचार जारी है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसा उस समय हुआ, जब धुलाई सेंटर पर रोज की तरह काम चल रहा था। एयर कंप्रेसर की टंकी सेंटर के पास ही लगी हुई थी। इसी दौरान अचानक टंकी में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

आनंद सिंह टंकी के बेहद करीब खड़े थे। विस्फोट के कारण टंकी के हिस्से तेज गति से चारों तरफ बिखर गए। इसी दौरान उनका दाहिना हाथ कोहनी के पास से कट गया और घटनास्थल से काफी दूर खेत में जा गिरा।

यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग भी दहशत में आ गए। आसपास के लोगों ने किसी तरह घायलों को संभाला और स्थानीय मदद से उन्हें अस्पताल भेजा। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में भीड़ जमा हो गई।

ऐसे एयर कंप्रेसर धुलाई सेंटरों, गैराज और औद्योगिक इकाइयों में सामान्य रूप से इस्तेमाल किए जाते हैं। इन टंकियों में दबाव के साथ हवा भरी जाती है, जिससे वाहन धोने और अन्य काम किए जाते हैं। यदि टंकी की समय पर जांच और रखरखाव न किया जाए या अंदर जरूरत से ज्यादा दबाव बन जाए, तो विस्फोट का खतरा पैदा हो सकता है।

हालांकि इस मामले में टंकी किस कारण फटी, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। यह जांच का विषय है कि हादसा तकनीकी खराबी से हुआ, टंकी में जरूरत से ज्यादा दबाव बन गया था या लंबे समय से उसका रखरखाव नहीं किया गया था।

धुलाई सेंटर में लगे उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भी घटना के बाद सवाल उठने लगे हैं। एयर कंप्रेसर जैसी मशीनों में प्रेशर गेज, सेफ्टी वाल्व और नियमित सर्विसिंग बेहद जरूरी होती है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विस्फोट की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद टंकी के टुकड़े आसपास बिखर गए। कुछ हिस्से काफी दूर जाकर गिरे, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव का काम शुरू किया। गंभीर रूप से घायल आनंद सिंह और विशाल सिंह को पहले नजदीकी चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाया गया, जहां से उनकी हालत को देखते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की टीम दोनों घायलों का इलाज कर रही है। आनंद सिंह की स्थिति को देखते हुए विशेष निगरानी में रखा गया है। उनके हाथ में आई गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण डॉक्टरों के सामने चुनौती बनी हुई है।

दूसरी ओर विशाल सिंह की हालत भी गंभीर बताई जा रही है, हालांकि उनकी चोटों के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। चिकित्सक दोनों घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

घटना ने एक बार फिर औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को सामने ला दिया है। धुलाई सेंटर और गैराज जैसे स्थानों पर रोजाना उच्च दबाव वाली मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए इनके रखरखाव में थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

आम तौर पर एयर कंप्रेसर टंकी की नियमित जांच, प्रेशर नियंत्रण, सेफ्टी वाल्व की स्थिति और पुरानी टंकी के इस्तेमाल की सीमा पर ध्यान देना जरूरी होता है। यदि इन सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जाए तो टंकी में दबाव बढ़ने से अचानक विस्फोट हो सकता है।

फिलहाल हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। यह भी देखा जाएगा कि कंप्रेसर की टंकी कितनी पुरानी थी और उसकी पिछली सर्विस कब हुई थी।

इस हादसे से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। धुलाई सेंटर पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग और वाहन आते-जाते हैं। यदि धमाके के समय वहां ज्यादा लोग मौजूद होते तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।

अभी प्राथमिकता दोनों घायलों के इलाज पर है। आनंद सिंह की हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि विशाल सिंह का भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है। प्रशासनिक और तकनीकी जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इस भीषण विस्फोट के पीछे असली वजह क्या थी।

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