आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में सड़क हादसों को कम करने के लिए तकनीक की मदद से नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। जिले के दुर्घटना संभावित स्थानों की जानकारी Google के साथ साझा की गई है। योजना के तहत वाहन चालक जब किसी दुर्घटना संभावित क्षेत्र के करीब पहुंचेगा तो Google Maps करीब 500 मीटर पहले आवाज और विजुअल संकेत के जरिए अलर्ट करेगा। इसका उद्देश्य चालक को समय रहते सतर्क करना और वाहन की गति कम कर हादसे की आशंका घटाना है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इस नई व्यवस्था सहित यातायात सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। जिले में कुल 208 गंभीर दुर्घटना संभावित स्थानों को चिह्नित किया गया है। इन स्थानों का डेटा Google के साथ साझा किया गया है, ताकि डिजिटल मैप के माध्यम से वाहन चालकों को पहले ही खतरे की जानकारी मिल सके।
यह व्यवस्था Google Maps के 'Accident-Prone Area Alerts' मॉडल के अनुरूप है। Google ने भारत में सरकारी एजेंसियों से मिले आधिकारिक डेटा के आधार पर दुर्घटना संभावित इलाकों के पास पहुंचने पर चालकों को आवाज और स्क्रीन पर चेतावनी देने की सुविधा शुरू की है। इसका मकसद ड्राइवरों को पहले से सतर्क करना है, जिससे वे रफ्तार नियंत्रित कर सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ सकें। आगरा में सड़क सुरक्षा को लेकर पहले से किए जा रहे प्रयासों के परिणाम भी सामने आए हैं। जिले में पहले 44 ब्लैक स्पॉट चिह्नित थे। सुधारात्मक कदम उठाए जाने के बाद इनकी संख्या घटकर 33 रह गई है। प्रशासन अब बाकी खतरनाक स्थानों पर भी आवश्यक सुधार कराने की तैयारी में है।
आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जुलाई 2025 के दौरान आगरा में 865 सड़क हादसे दर्ज किए गए थे। इसी अवधि में 2026 में इनकी संख्या घटकर 732 रह गई। यानी हादसों में करीब 15.4 प्रतिशत की कमी आई है। इसी तरह सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या 459 से घटकर 430 और घायलों की संख्या 771 से घटकर 617 रह गई।
यातायात जाम कम करने में भी डिजिटल डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है। आगरा के आठ प्रमुख मार्गों पर यातायात की स्थिति का अध्ययन किया गया। Google से मिले ट्रैफिक डेटा के आधार पर पुलिसकर्मियों की तैनाती और अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाई की गई, जिसके बाद इन मार्गों पर जाम में 37.1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। बैठक में खराब सड़कों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। निरीक्षण के दौरान चिह्नित पांच खराब सड़कों को 15 दिनों के भीतर ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा 'हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं' व्यवस्था को प्रभावी बनाने, लंबित चालानों की वसूली और 50 से अधिक चालान वाले वाहनों को काली सूची में डालने के निर्देश भी दिए गए।
Google Maps आधारित अलर्ट व्यवस्था लागू होने से चालक को दुर्घटना संभावित स्थान पर पहुंचने से पहले ही सावधान होने का मौका मिलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि तकनीक, सड़क सुधार और यातायात नियमों के बेहतर पालन के संयुक्त प्रयास से आगरा में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों को और कम किया जा सकेगा।