Agra: सुप्रीम कोर्ट ने मालगोदाम प्रकरण में केंद्र व प्रदेश सरकार के अधिकारियों को तलब किया

"अधिकारी पेड़ कटान से संबंधित अपना जवाब प्रस्तुत करेंगे"

Update: 2024-12-26 06:05 GMT

आगरा: रेल मालगोदाम गधापाड़ा में काटी गई हरियाली का मामला अब तूल पकड़ गया है. सुप्रीम कोर्ट की शीर्ष समिति (सीईसी) ने केंद्र व प्रदेश सरकार के अधिकारियों को तलब किया है. समिति सदस्य सचिव भानुमति जी ने सभी को 18 को दिल्ली स्थिति सीईसी कार्यालय में दस्तावेजों सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं. यहां अधिकारी पेड़ कटान से संबंधित अपना जवाब प्रस्तुत करेंगे.

विदित हो कि 6 को आगरा में अवैध पेड़ों के कटान की जांच को सुप्रीम कोर्ट की शीर्ष समिति के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल और डॉ. जेआर भट्ट आए थे. सर्किट हाउस में उनसे गधापाड़ा के रेल मालगोदाम में काटे गए पेड़ काटे जाने का प्रकरण उनके समक्ष मय दस्तावेज और फोटो सहित रखा था. कमेटी सदस्य सचिव भानुमति जी ने केंद्रीय और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों को तलब किया है. उन्होंने नोटिस जारी करके केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रतिनिधि, प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट उत्तर प्रदेश, वाइस चेयरमैन रेल लैंड डवलपमेंट अथॉरिटी, आगरा कमिश्नर चेयरमैन टीटीजेड, चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट आगरा सर्किल और डीएफओ आगरा को तलब किया है. ये अधिकारी 18 को दोपहर दो बजे चाणक्यपुरी स्थिति सीईसी कार्यालय में मय दस्तावेजों के साथ उपस्थित होंगे.

इसमें शिकायतकर्ता का एडवोकेट भी अपना पक्ष रखेगा. बता दें कि शीर्ष समिति के सदस्यों को काटी गई हरियाली के संदर्भ में टीटीजेड प्राधिकरण का जारी पत्र, डीएफओ की जांच आख्या का पत्र, मौके के जीपीएस कैमरा मैप से खिंचे फोटो की छायाप्रति, सेटेलाइट इमेज आदि पेश की थीं.

सवालों के घेरे में रह सकती है जांच: रेलवे मालगोदाम में काटे गए पेड़ों के मामले में वन विभाग की जांच सवालों के घेरे में रह सकती है. इस मामले में टीटीजेड प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने आगरा डीएफओ को पत्र जारी करके तीन दिन में कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए थे. डीएफओ ने अपनी जांच में बताया कि रेलवे भूमि पर जेसीबी चल रही थी, जो प्राकृतिक रूप से उगी प्रोसोपिस ज्यूलीफ्लोरा की झाड़िया उखाड़ रही थी. डीएफओ ने इस मामले में टीटीजेड उपाध्यक्ष से उल्लेखित भूमि रेलवे विभाग की बताते हुए वैधानिक कार्रवाई रेलवे द्वारा करने की सिफारिश की थी. जबकि, यहां पेड़ों के अधजले हिस्से, अधजला पीपल का पेड़, पेड़ों के ठूंठ और बड़ी मात्रा में मौके पर पड़ी राख के फोटो हैं.

टीटीजेड में नहीं थमी पेड़ काटने की घटनाएं: टीटीजेड क्षेत्र में पेड़ कटान पर सुप्रीम कोर्ट सख्त है. मथुरा के डालमिया बाग, दयालबाग के माथुर फार्म हाउस सहित 700 से अधिक स्थानों पर 15 हजार से अधिक पेड़ कटान की याचिका पर सुनवाई चल रही है. कोर्ट ने टीटीजेड क्षेत्र में शाम छह बजे से सुबह आठ बजे तक पेड़ कटान पर रोक लगा दी है. इसके बाद भी पेड़ कटान की घटनाएं रुक नहीं रहीं हैं. अछनेरा में किरावली रोड पर निजी कॉलोनी के लिए पेड़ काटे गए. इसके साथ ही शहर के बीचोंबीच स्थित गधापाड़ा रेल मालगोदाम में पूरी हरियाली नष्ट कर दी गई.

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