बलिया गांव में आठ दिन से मचा था तेंदुए का खौफ आखिरकार पिंजरे में कैद हुआ बच्चा
तेंदुए के आतंक से मिली राहत मुरादाबाद में पिंजरे में कैद हुआ शावक
मुरादाबाद: जिले के बलिया क्षेत्र में पिछले करीब आठ दिनों से तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था। लगातार तेंदुए की गतिविधियां देखे जाने के बाद वन विभाग ने इलाके में पिंजरा लगाया था। आखिरकार तेंदुए का एक बच्चा पिंजरे में कैद हो गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
तेंदुए के बच्चे के पकड़े जाने के बाद वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित कब्जे में ले लिया। अब विभाग की ओर से उसकी निगरानी और स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया की जा रही है।
आठ दिन से डर के साए में थे ग्रामीण
बलिया क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुए के देखे जाने की खबरों के कारण ग्रामीणों में डर बना हुआ था। खेतों और आसपास के इलाकों में तेंदुए की गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद लोग अकेले बाहर निकलने से बच रहे थे। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद इलाके में निगरानी बढ़ाई गई।
वन विभाग ने लगाया था पिंजरा
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने संभावित इलाके में पिंजरा लगाया। विभाग की टीम लगातार क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और रात के समय अकेले खेतों या सुनसान इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी गई थी।
आखिरकार पिंजरे में फंसा तेंदुए का बच्चा
लगातार निगरानी के बाद तेंदुए का एक बच्चा पिंजरे में कैद हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पिंजरे को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लिया। तेंदुए के बच्चे को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जुटने लगी, लेकिन वन विभाग ने लोगों को उससे दूरी बनाए रखने की अपील की।
क्या आसपास और भी तेंदुए हैं?
एक तेंदुए के बच्चे के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इलाके में उसकी मां या अन्य तेंदुए भी मौजूद हैं। वन विभाग की टीम आसपास के जंगल और खेतों में निगरानी बढ़ा सकती है। कैमरा ट्रैप या अन्य माध्यमों से यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि क्षेत्र में और कितने वन्यजीव मौजूद हैं।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
तेंदुए के बच्चे के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों में राहत का माहौल है। पिछले आठ दिनों से लोग डर के कारण खेतों और आसपास के रास्तों पर जाने से बच रहे थे। हालांकि, वन विभाग की ओर से पूरी तरह खतरा टलने की पुष्टि होने तक ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा सकती है।
वन विभाग ने की सतर्क रहने की अपील
वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से वन्यजीव के साथ छेड़छाड़ नहीं करने और उसके करीब न जाने की अपील की। तेंदुआ या उसका बच्चा दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, जंगल या खेतों के आसपास वन्यजीवों की मौजूदगी में भीड़ जमा करना उनके लिए भी खतरा पैदा कर सकता है और लोगों की सुरक्षा के लिए भी जोखिम बढ़ सकता है।
तेंदुए के बच्चे का होगा स्वास्थ्य परीक्षण
पिंजरे में पकड़े गए तेंदुए के बच्चे का वन विभाग की निगरानी में स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सकता है। उसकी उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक स्थिति की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वन्यजीवों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ने से पहले उनकी स्थिति का आकलन किया जाना जरूरी होता है।
आठ दिनों की दहशत के बाद राहत
बलिया क्षेत्र में करीब आठ दिनों से चली आ रही तेंदुए की दहशत के बीच बच्चे के पकड़े जाने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, इलाके में निगरानी जारी रखना जरूरी है, क्योंकि तेंदुए का बच्चा मिलने से यह संभावना भी बनती है कि आसपास उसका परिवार मौजूद हो सकता है।