नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में एक निर्माणाधीन आवासीय सोसाइटी में दर्दनाक हादसा हो गया। नोएडा के सेक्टर-115 स्थित ग्राम सोरखा में निर्माणाधीन आइवरी काउंटी सोसाइटी के टावर से गिरकर करीब 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान जावेद के रूप में हुई है, जो सोसाइटी में फोरमैन और लेबर इंचार्ज के पद पर काम कर रहा था। हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना ने निर्माणाधीन इमारतों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, हादसा 22 और 23 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि को हुआ। थाना सेक्टर-113 पुलिस को डायल-112 के माध्यम से घटना की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जावेद टावर की किस मंजिल से गिरा और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
रात में पुलिस को मिली हादसे की सूचना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम सोरखा स्थित आइवरी काउंटी सोसाइटी में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान वहां काम करने वाला जावेद टावर से नीचे गिर गया।हादसे के बाद पुलिस कंट्रोल रूम को डायल-112 के माध्यम से सूचना दी गई। सूचना मिलने पर थाना सेक्टर-113 की टीम घटनास्थल पर पहुंची।पुलिस ने मौके पर आवश्यक जानकारी जुटाई और शव का पंचायतनामा भरने की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
पश्चिम बंगाल का रहने वाला था जावेद
हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान जावेद पुत्र अमीरू हक के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 25 वर्ष थी।पुलिस के अनुसार, जावेद मूल रूप से पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा थाना क्षेत्र के मौलानी इलाके का निवासी था।वह नोएडा की निर्माणाधीन आइवरी काउंटी सोसाइटी में फोरमैन और लेबर इंचार्ज के रूप में काम कर रहा था।उसकी जिम्मेदारियों में निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों के कामकाज का प्रबंधन शामिल था। हालांकि, हादसे के समय वह किस विशेष कार्य में लगा था, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हुई है।
टावर से कैसे गिरा युवक?
निर्माणाधीन सोसाइटी में हुए इस हादसे को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जावेद टावर से नीचे कैसे गिरा।क्या काम करते समय उसका संतुलन बिगड़ा था या दुर्घटना के पीछे कोई अन्य कारण था, यह जांच से स्पष्ट होगा।इसके अलावा घटनास्थल पर सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट, सेफ्टी नेट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं, इसकी भी जानकारी सामने नहीं आई है।फिलहाल पुलिस या किसी संबंधित अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की पुष्टि नहीं की है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या संस्था को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
निर्माणाधीन इमारतों में सुरक्षा पर सवाल
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में बहुमंजिला आवासीय तथा व्यावसायिक परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है।इन परियोजनाओं में हजारों श्रमिक काम करते हैं। कई बार उन्हें ऊंचाई पर निर्माण, शटरिंग, सरिया बांधने, प्लास्टर और अन्य तकनीकी कार्य करने पड़ते हैं।ऐसे कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है। ऊंचाई पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट और अन्य उपकरण दुर्घटना की गंभीरता कम करने में मदद कर सकते हैं।जावेद की मौत ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच की आवश्यकता को फिर सामने ला दिया है।
सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल क्यों जरूरी?
निर्माण क्षेत्र में ऊंचाई से गिरना गंभीर दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल है।विशेषज्ञों के अनुसार, बहुमंजिला इमारतों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए उचित प्रशिक्षण और सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध होना चाहिए।ऊंचाई पर काम करते समय प्रमाणित फुल-बॉडी हार्नेस, सुरक्षित एंकर पॉइंट, मजबूत कार्य प्लेटफॉर्म और आवश्यकतानुसार सेफ्टी नेट का इस्तेमाल महत्वपूर्ण होता है।इसके अलावा कार्यस्थल पर पर्याप्त रोशनी, सुरक्षित सीढ़ियां और गिरने से बचाव के लिए रेलिंग जैसी व्यवस्थाएं भी जरूरी हैं।
रात के समय निर्माण कार्य होने की स्थिति में पर्याप्त रोशनी और निगरानी का महत्व और बढ़ जाता है।हालांकि, इस मामले में हादसे के समय चल रहे काम और उपलब्ध उपकरणों की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पहले भी हो चुके हैं निर्माण स्थलों पर हादसे
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन इमारतों से श्रमिकों के गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।सितंबर 2026 में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की एक निर्माणाधीन सोसाइटी में 21वीं मंजिल से गिरने के कारण 42 वर्षीय मजदूर बैद्यनाथ की मौत हो गई थी।बताया गया था कि वह अन्य श्रमिकों के साथ निर्माण कार्य कर रहा था। हादसे के बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।इसी तरह जून 2026 में नोएडा के सेक्टर-152 स्थित निर्माणाधीन आवासीय परियोजना में शटरिंग का काम करने वाले दो मजदूरों की ऊंचाई से गिरकर मौत हो गई थी।इन घटनाओं ने निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर जोखिम कम करने की जरूरत को रेखांकित किया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलेगी महत्वपूर्ण जानकारी
जावेद की मौत के बाद थाना सेक्टर-113 पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के चिकित्सकीय कारण और शरीर पर आई चोटों के संबंध में जानकारी मिल सकेगी।इसके अतिरिक्त दुर्घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए घटनास्थल की जांच महत्वपूर्ण होगी।पुलिस को यह देखना होगा कि हादसा किस समय हुआ, उस दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे और जावेद किस प्रकार का कार्य कर रहा था।इन सवालों के जवाब मिलने के बाद घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी
निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित संस्थाओं और ठेकेदारों को निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है।कार्यस्थलों पर सुरक्षा प्रशिक्षण, नियमित निरीक्षण और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध होने से दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।विशेष रूप से ऊंची इमारतों में काम करने वाले श्रमिकों को बिना आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के जोखिमपूर्ण कार्य नहीं करना चाहिए।दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कार्यस्थल पर मौजूद सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता और उनके सही इस्तेमाल की निगरानी भी जरूरी है।
कानूनी कार्रवाई पर बनी नजर
फिलहाल पुलिस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है। किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।जांच में यदि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन या किसी प्रकार की लापरवाही के तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।मृतक के परिवार को मुआवजा या अन्य सहायता मिलने के संबंध में भी अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
Tags: