रायबरेली: ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब उन्हें आधार कार्ड बनवाने या उसमें संशोधन कराने के लिए दूर-दराज के इलाकों और शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पंचायतीराज विभाग और यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के बीच हुए समझौते के बाद जिले के ग्राम सचिवालयों में ही आधार केंद्र खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
इस योजना के तहत रायबरेली जिले के सभी 980 ग्राम सचिवालयों में चरणबद्ध तरीके से आधार सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 34 ग्राम सचिवालयों में आधार केंद्र शुरू किए जाएंगे। इसके लिए ग्राम सचिवों और ग्राम सहायकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी ऑनलाइन परीक्षा कराई जाएगी और सफल अभ्यर्थियों को आधार सेवा संचालित करने के लिए आईडी और पासवर्ड जारी किए जाएंगे।
अभी तक ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आधार कार्ड बनवाने, उसमें नाम, पता, जन्मतिथि या अन्य जानकारियों में सुधार कराने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसके लिए उन्हें शहरों के डाकघरों और बैंकों में जाना पड़ता था। कई बार लोगों को सुबह जल्दी पहुंचकर टोकन लेना पड़ता था और कई दिनों तक चक्कर लगाने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाता था।
विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को आधार संबंधी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब ग्राम सचिवालयों में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
पंचायतीराज विभाग और UIDAI के बीच हुए एमओयू के बाद इस योजना को तेजी से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले चरण में 35 ग्राम सचिवालयों का चयन किया गया था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों की वजह से अब 34 ग्राम सचिवालयों में आधार केंद्र खोले जाएंगे।
इन केंद्रों को शुरू करने के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद की तैयारी भी चल रही है। आधार कार्ड बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली स्क्रीनिंग मशीनों और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। विभाग की ओर से बताया गया है कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर मशीनों की खरीद कर ली जाएगी।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ग्राम सहायकों को आधार सेवा से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई है। ऑनलाइन परीक्षा के बाद उन्हें अधिकृत किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीण अपने ही गांव के ग्राम सचिवालय में जाकर आधार कार्ड बनवा सकेंगे और उसमें जरूरी संशोधन भी करा सकेंगे।
आधार केंद्रों पर मिलने वाली सुविधाओं के लिए शुल्क भी निर्धारित किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को पहले से जानकारी रहे। विभाग का उद्देश्य है कि आधार से जुड़ी सेवाओं को गांव स्तर तक पहुंचाया जाए और लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
जिला पंचायती राज अधिकारी विनय सिंह ने बताया कि प्रत्येक ग्राम सचिवालय में आधार कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। पहले चरण में 34 ग्राम सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया है। जल्द ही अन्य प्रक्रियाएं पूरी कर केंद्रों को शुरू कर दिया जाएगा।
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। आधार कार्ड आज लगभग हर सरकारी योजना, बैंकिंग सेवा और पहचान से जुड़ी प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में गांव स्तर पर आधार सुविधा मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रायबरेली में शुरू होने वाली यह व्यवस्था ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों के लिए सरकारी सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में जिले के सभी ग्राम सचिवालयों में आधार केंद्र शुरू होने के बाद लाखों ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।