Divya कृष्णात्रेय बोले, अधिकार नहीं फिर जिम्मेदारी क्यों?

Update: 2026-07-16 14:56 GMT

Noida नोएडा :   कुत्ते के काटने की घटना में आरडब्ल्यूए को हर्जाना भरने की खबर के बाद नोएडा सेक्टर-105 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि आरडब्ल्यूए केवल एक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन है, कोई सरकारी संस्था नहीं है, जिसके पास आवारा कुत्तों को पकड़ने, हटाने या उनके खिलाफ कार्रवाई करने का कानूनी अधिकार हो।

दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण और संबंधित व्यवस्था को यह समझना होगा कि आरडब्ल्यूए के पास सीमित अधिकार और संसाधन हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नियम बनाने और उन्हें लागू करने की शक्ति आरडब्ल्यूए के पास नहीं है, तो शहर की आवारा कुत्तों की समस्या के लिए पूरी जिम्मेदारी केवल आरडब्ल्यूए पर डालना कितना उचित है।

उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा मेंटेनेंस शुल्क लेने के आधार पर आरडब्ल्यूए को सेवा प्रदाता माना जा सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आरडब्ल्यूए के पास प्रशासनिक शक्तियां भी आ जाती हैं। उन्होंने बताया कि आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने, पकड़ने या उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कदम उठाने का अधिकार संबंधित सरकारी एजेंसियों के पास होता है।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने सेक्टर-105 की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि जमीनी हकीकत को समझना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सेक्टर में करीब 1044 प्लॉट हैं, लेकिन आरडब्ल्यूए के नियमित सदस्य लगभग 400 ही हैं। इन सदस्यों से हर साल केवल 5000 रुपये का रखरखाव शुल्क लिया जाता है।

उन्होंने कहा कि इसी सीमित बजट से सेक्टर की कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। इसमें सुरक्षा व्यवस्था, इलेक्ट्रिशियन और प्लंबर के खर्च, पार्कों के रखरखाव के लिए माली का भुगतान और अन्य बुनियादी सुविधाओं की देखरेख शामिल है।

दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि इतने सीमित संसाधनों के बावजूद आरडब्ल्यूए लगातार सेक्टर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने का प्रयास करती है। ऐसे में यह उम्मीद करना कि आरडब्ल्यूए अपने स्तर पर शहर की एक बड़ी और जटिल समस्या का समाधान कर दे, व्यावहारिक नहीं है।

उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या केवल एक सेक्टर या आरडब्ल्यूए तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शहर से जुड़ा मुद्दा है। इसके समाधान के लिए प्रशासन, प्राधिकरण और संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने मांग की कि व्यवस्था में स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं के पास कानूनी अधिकार और संसाधन हैं, उन्हें ही ऐसी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि आरडब्ल्यूए नागरिकों की सहायता और स्थानीय स्तर पर सहयोग के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन उसे ऐसी जिम्मेदारियों के लिए जवाबदेह बनाना उचित नहीं है, जिनके लिए उसके पास न तो पर्याप्त अधिकार हैं और न ही संसाधन।

कुत्तों के हमलों और आवारा पशुओं से जुड़ी घटनाएं नोएडा समेत कई शहरों में लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा, नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज होती रही है। सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर इस मुद्दे पर प्रशासन और स्थानीय संस्थाओं की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।

Tags:    

Similar News