अयोध्या। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार दीपोत्सव में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। वहीं, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के कार्यक्रम में शामिल होने और भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राजतिलक करने की तैयारी की जा रही है। सात नवंबर को आयोजित होने वाले मुख्य दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति महर्षि वशिष्ठ की भूमिका निभाते हुए भगवान श्रीराम और माता सीता के स्वरूपों का राजतिलक करेंगे। अब तक यह परंपरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निभाते रहे हैं। ऐसे में इस वर्ष का आयोजन कई मायनों में विशेष होने वाला है।
अमित शाह के अयोध्या दौरे पर संशय
अयोध्या दीपोत्सव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना जताई जा रही थी। उनके संभावित आगमन को देखते हुए प्रशासन की ओर से विशेष तैयारियां भी की जा रही थीं।हालांकि, ताजा मीडिया रिपोर्टों में उनके आगमन को लेकर संशय बताया गया है। अमित शाह का दौरा आधिकारिक रूप से रद्द होने की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं मिली है। ऐसे में अंतिम कार्यक्रम की घोषणा के बाद ही उनके दौरे की स्थिति स्पष्ट होगी।इस बीच उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। दीपोत्सव में उनकी भूमिका विशेष आकर्षण का केंद्र रहने वाली है।
पहली बार उपराष्ट्रपति करेंगे श्रीराम का राजतिलक
अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रतीकात्मक आयोजन किया जाता है। इसमें त्रेतायुग की परंपराओं को जीवंत रूप देने का प्रयास होता है।इस बार उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन महर्षि वशिष्ठ की भूमिका में भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इसके बाद वे माता सीता और भगवान श्रीराम की आरती भी उतारेंगे।अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस परंपरा का निर्वहन करते रहे हैं। इस बार उपराष्ट्रपति द्वारा राजतिलक किए जाने की तैयारी से कार्यक्रम का स्वरूप बदला हुआ नजर आएगा।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि वशिष्ठ भगवान श्रीराम के कुलगुरु थे। रामायण में उनका विशेष स्थान बताया गया है। इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए राजतिलक समारोह को त्रेतायुगीन स्वरूप देने की तैयारी है।
पुष्पक विमान से होगा भगवान श्रीराम का आगमन
दीपोत्सव के दौरान भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन का दृश्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।आयोजन की तैयारियों के अनुसार, पुष्पक विमान के प्रतीक के रूप में हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा। इसके माध्यम से भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों का आगमन कराया जाएगा।इसके बाद राजतिलक समारोह आयोजित होगा। इस दृश्य के माध्यम से भगवान श्रीराम के वनवास समाप्त कर अयोध्या लौटने की धार्मिक परंपरा को प्रदर्शित किया जाएगा।
सरयू तट पर 5100 बातियों से होगी महाआरती
दीपोत्सव में सरयू नदी के तट पर भव्य महाआरती की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन 5100 बातियों से महाआरती करेंगे।इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति भी प्रस्तावित है।महाआरती के लिए विशेष मंच तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 2147 अर्चकों और बटुकों की ओर से सामूहिक महाआरती करने की तैयारी है।सरयू तट पर दीपों की रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होंगे।
दीपों से जगमगाएगी पूरी अयोध्या
इस बार दीपोत्सव की भव्यता केवल राम की पैड़ी तक सीमित नहीं रहेगी। पूरी रामनगरी को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया जा रहा है।रामपथ, धर्मपथ, प्रमुख चौराहों, गलियों, मंदिरों और सरयू घाटों पर विशेष विद्युत सजावट की जा रही है।राम की पैड़ी के आसपास के भवनों को एक समान रंग और आकर्षक रोशनी से सजाने की योजना है।शहर में भव्य रामदरबार भी तैयार किया जा रहा है। यहां भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी के स्वरूपों को स्थापित किया जाएगा।इसके सामने विशिष्ट अतिथियों, संतों और धर्माचार्यों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया तैयारियों का जायजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो नवंबर को अयोध्या पहुंचकर दीपोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण किया।इस दौरान उन्होंने रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और अन्य आयोजन स्थलों पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई और सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी तैयारियां निर्धारित समय पर पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।आयोजन क्षेत्र को अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटकर पुलिस अधिकारियों की तैनाती की तैयारी है।प्रमुख आयोजन स्थलों पर प्रवेश व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।राम की पैड़ी और सरयू घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
दीपोत्सव में दिखेगी त्रेतायुग की झलक
अयोध्या दीपोत्सव का उद्देश्य भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की धार्मिक परंपरा को भव्य रूप में प्रस्तुत करना है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम जब 14 वर्षों का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे, तब नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था।इसी स्मृति में अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन किया जाता है।इस बार उपराष्ट्रपति द्वारा श्रीराम का प्रतीकात्मक राजतिलक, सरयू की महाआरती और रामायण आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजन को विशेष स्वरूप देंगी।