श्री विजयपुरम/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी के 100वें वर्ष में प्रवेश करने पर देशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। इस अवसर पर अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने भी उन्हें बधाई दी और उनके व्यक्तित्व तथा राजनीतिक योगदान की सराहना की। अपने संदेश में उन्होंने आडवाणी को 'आयरन मैन' बताते हुए उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र के प्रति समर्पण को महत्वपूर्ण बताया।8 नवंबर 2026 को लालकृष्ण आडवाणी ने अपना 99वां जन्मदिन मनाया और जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश किया। इस अवसर पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। आडवाणी भारतीय राजनीति के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी के गठन और विस्तार तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका राजनीतिक सफर संगठन निर्माण, संसदीय कार्य और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है।उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा की ओर से दी गई शुभकामनाओं को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। उनके संदेश में आडवाणी के लंबे राजनीतिक अनुभव और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सम्मान दिया गया।
जनसंघ से भाजपा के निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था। भारत के विभाजन के बाद उन्हें अपना घर छोड़कर भारत आना पड़ा। इस कठिन दौर के बावजूद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी नई शुरुआत की और संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।आडवाणी ने भारतीय जनसंघ को मजबूत बनाने और वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद उसके विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह भाजपा के प्रमुख संस्थापक नेताओं में शामिल रहे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने संगठन को मजबूत करने और देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के लिए काम किया।उनके राजनीतिक जीवन में संगठन निर्माण और कार्यकर्ताओं को तैयार करने की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही है। भाजपा के शुरुआती दौर में पार्टी के सामने सीमित राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक चुनौतियां थीं। ऐसे समय में आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी ने मिलकर पार्टी को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।
राम रथ यात्रा से मिली राष्ट्रीय पहचान
आडवाणी के राजनीतिक सफर का एक महत्वपूर्ण अध्याय सोमनाथ से अयोध्या तक निकाली गई राम रथ यात्रा रही। वर्ष 1990 में शुरू हुई इस यात्रा ने देश की राजनीति में व्यापक प्रभाव डाला। इस दौरान आडवाणी ने विभिन्न राज्यों का दौरा किया और राम मंदिर आंदोलन को लेकर जनसमर्थन जुटाने का प्रयास किया।इस यात्रा ने भाजपा को राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान मजबूत करने का अवसर दिया। आडवाणी की नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक रणनीति को पार्टी के विस्तार के महत्वपूर्ण कारणों में गिना जाता है।उनके राजनीतिक जीवन में आपातकाल का दौर भी अहम रहा। वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान आडवाणी ने लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए संघर्ष किया। बाद में उन्होंने केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री, गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई।
गृह मंत्री के रूप में भी निभाई अहम भूमिका
लालकृष्ण आडवाणी ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में काम किया। उनके कार्यकाल में आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला और सुरक्षा बलों की व्यवस्था से जुड़े कई विषय प्रमुख रहे।आडवाणी भारतीय राजनीति में अपने स्पष्ट विचारों और संगठनात्मक क्षमता के लिए पहचाने जाते रहे हैं। उन्होंने संसद के दोनों सदनों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विपक्ष के नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई।वर्ष 2024 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। यह सम्मान सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान की मान्यता के रूप में दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी लेख लिखकर किया याद
आडवाणी के 100वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने एक विस्तृत लेख लिखकर उनके जीवन, राजनीतिक सफर और राष्ट्र के प्रति योगदान को याद किया।मोदी ने अपने लेख में आडवाणी के विभाजन के दौरान के अनुभवों, जनसंघ को मजबूत करने, भाजपा के निर्माण, आपातकाल के दौरान लोकतंत्र के लिए संघर्ष और राम रथ यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने आडवाणी को वैचारिक स्पष्टता और बौद्धिक क्षमता वाला नेता बताया।प्रधानमंत्री ने यह भी याद किया कि आडवाणी ने उन्हें राजनीतिक जीवन में मार्गदर्शन दिया और उनका हाथ पकड़कर राजनीति की बारीकियां सिखाईं।
अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा की भूमिका
डॉ. दिनेश शर्मा सितंबर 2026 में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल नियुक्त किए गए थे। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसे पदों पर काम कर चुके हैं।उनका आडवाणी के 100वें वर्ष में प्रवेश पर शुभकामना संदेश देना पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। आडवाणी का राजनीतिक सफर भाजपा के संगठनात्मक इतिहास से गहराई से जुड़ा रहा है और पार्टी की कई पीढ़ियों के नेताओं ने उनसे मार्गदर्शन प्राप्त किया है।कुल मिलाकर, लालकृष्ण आडवाणी का 100वें वर्ष में प्रवेश भारतीय राजनीति के एक लंबे और महत्वपूर्ण अध्याय की याद दिलाता है। उनके राजनीतिक योगदान, संगठन निर्माण और सार्वजनिक जीवन की यात्रा को इस अवसर पर देशभर के नेताओं ने याद किया। उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा की ओर से दी गई शुभकामनाएं भी इसी सम्मान और आदर की भावना को दर्शाती हैं।
Tags: