ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में धनतेरस के मौके पर शुक्रवार, 6 नवंबर को आग लगने की घटना सामने आई है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सिटी मॉल में अचानक आग लगने की सूचना से हड़कंप मच गया। आग की लपटें उठती देख मॉल में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। त्योहार के अवसर पर मॉल में खरीदारी करने पहुंचे लोगों के लिए यह घटना चिंता का कारण बन गई। घटना की खबर सामने आने के बाद आग लगने के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था और नुकसान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
जानकारी के अनुसार, धनतेरस के अवसर पर गौर सिटी मॉल में खरीदारी करने के लिए लोग पहुंचे हुए थे। इसी दौरान अचानक आग लगने की सूचना सामने आई। मॉल से आग की लपटें दिखाई देने के बाद वहां मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई। त्योहार के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर अधिक भीड़ होने के कारण ऐसी घटनाओं में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।धनतेरस के दिन लोग सोना-चांदी, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, घरेलू उपकरण और अन्य जरूरी वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। यही कारण है कि इस अवसर पर शहर के बड़े शॉपिंग मॉल और बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है। गौर सिटी मॉल भी ग्रेटर नोएडा वेस्ट के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में शामिल है। यहां आसपास की आवासीय सोसाइटियों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और मनोरंजन के लिए पहुंचते हैं।
शुक्रवार को सामने आई आग की घटना ने त्योहार के दौरान बड़े व्यावसायिक परिसरों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि आग किस हिस्से में लगी, कितने क्षेत्र तक फैली और उसे बुझाने के लिए कितनी दमकल गाड़ियों की जरूरत पड़ी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। आग लगने का वास्तविक कारण भी आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।बड़े शॉपिंग मॉल में आग लगने की घटनाएं विशेष रूप से संवेदनशील मानी जाती हैं। ऐसे परिसरों में एक साथ बड़ी संख्या में दुकानें, रेस्तरां, मनोरंजन केंद्र और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। इनमें बिजली के उपकरणों, एयर कंडीशनिंग सिस्टम, रोशनी और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक मशीनों का व्यापक इस्तेमाल होता है। किसी हिस्से में आग लगने की स्थिति में धुआं बंद गलियारों तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आग लगने की स्थिति में सबसे जरूरी है कि लोग घबराएं नहीं और निर्धारित आपातकालीन निकास मार्गों का इस्तेमाल करें। लिफ्ट का उपयोग करने के बजाय सीढ़ियों से बाहर निकलना चाहिए। वहीं आग या धुआं दिखाई देने पर तुरंत मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों और अग्निशमन विभाग को सूचना देनी चाहिए।ग्रेटर नोएडा में बीते 24 घंटों के दौरान मॉल से जुड़ी एक अन्य घटना भी सामने आई थी। गुरुवार, 5 नवंबर को बिसरख थाना क्षेत्र के गैलेक्सी ब्लू सैफायर मॉल के एक सिनेमा ऑडिटोरियम के प्रोजेक्टर रूम में शॉर्ट सर्किट होने से वायरिंग गर्म हो गई थी। इसके कारण धुआं फैलने लगा था। घटना के समय ऑडिटोरियम में करीब 10 से 15 लोग मौजूद थे। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली थी।
गौर सिटी मॉल में शुक्रवार को सामने आई आग की घटना को गैलेक्सी ब्लू सैफायर मॉल की गुरुवार वाली घटना से अलग बताया जा रहा है। दोनों मामलों के विवरण को आपस में मिलाना उचित नहीं होगा। गौर सिटी मॉल की घटना के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।त्योहार के मौसम में मॉल और बाजारों में भीड़ बढ़ने से सुरक्षा व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। विशेष रूप से आपातकालीन निकास द्वार, फायर अलार्म, अग्निशमन उपकरण और कर्मचारियों की प्रशिक्षण व्यवस्था को सक्रिय रखना जरूरी होता है। किसी भी आपात स्थिति में समय पर चेतावनी और व्यवस्थित निकासी से बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है।
धनतेरस और दिवाली के मद्देनजर गौतमबुद्धनगर पुलिस पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। पुलिस कमिश्नरेट को 10 जोन और 26 सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा योजना तैयार की गई है। बाजारों, मॉल, धार्मिक स्थलों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की व्यवस्था की गई है। त्योहार के दौरान आग लगने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़ी संख्या में बहुमंजिला आवासीय सोसाइटियां और व्यावसायिक परिसर मौजूद हैं। ऐसे इलाकों में आग से बचाव के लिए नियमित सुरक्षा जांच की आवश्यकता रहती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल अग्निशमन उपकरण लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही ढंग से काम करना और कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण मिलना भी जरूरी है।
मॉल में आने वाले ग्राहकों को भी सुरक्षा संबंधी सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। प्रवेश करने के बाद आपातकालीन निकास मार्गों की जानकारी रखना उपयोगी हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ खरीदारी करने वाले परिवारों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी घटना के दौरान अनावश्यक भीड़ जमा करने या वीडियो बनाने के लिए जोखिम वाले स्थान के करीब जाने से बचना चाहिए।फिलहाल गौर सिटी मॉल में आग लगने की सूचना के बाद लोगों की सुरक्षा और घटना के कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। आग से कितना नुकसान हुआ और घटना के समय मॉल में मौजूद लोगों को किस तरह सुरक्षित किया गया, यह संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
धनतेरस के मौके पर सामने आई इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि बड़े शॉपिंग मॉल और व्यावसायिक परिसरों में आग से बचाव की व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण है। त्योहार की खुशियों के बीच लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।