Badaun बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में शुक्रवार सुबह नमाज अदा करने के बाद घर लौट रहे एक 20 वर्षीय युवक को तीन अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
वहीं, पीड़ित के परिवार ने आरोप लगाया है कि यह घटना गुरुवार को नमाज अदा करने की जगह को लेकर मस्जिद के अंदर तीन आरोपियों के साथ हुए विवाद का नतीजा थी। पुलिस ने बताया कि यह घटना इस्लामनगर नगर पंचायत के अंतर्गत इस्लामनगर थाना क्षेत्र में हुई। पीड़ित की पहचान मोहल्ला मुस्तफाबाद नई बस्ती निवासी सत्तार के बेटे महबूब के रूप में हुई है। वह लगभग 50% जल गया है और उसका अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
बदायूं के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने कहा, "तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत मिली है। पीड़ित के बयान और प्राथमिक जाँच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।" एसपी (ग्रामीण) ने घटना के बारे में यूपी 112 पर एक संकटकालीन कॉल आने की भी पुष्टि की। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि गुरुवार को उसका अपने पड़ोस के तीन लोगों से झगड़ा हुआ था। उसने उन पर उसे खंभे से बाँधने, उस पर पेट्रोल छिड़कने और आग लगाने का आरोप लगाया। मामले की जाँच की जा रही है और पुलिस टीमें संदिग्धों की पहचान और उन्हें पकड़ने के लिए काम कर रही हैं।
पीड़ित के परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि घटना के बाद महबूब किसी तरह गंभीर हालत में घर पहुँचा। पीड़ित के परिवार ने आगे दावा किया कि उसे रुदायन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बदायूँ जिला अस्पताल रेफर कर दिया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार को पीड़ित और आरोपियों के बीच हुए झगड़े को उस समय वहाँ मौजूद अन्य लोगों ने सुलझा लिया था। महबूब के चाचा कैसर अली ने आरोप लगाया कि हमलावर वही लोग थे जिन्होंने पिछले दिन मस्जिद में उनके भतीजे से झगड़ा किया था।