Varanasi वाराणसी। उत्तर प्रदेश के प्राचीन शहर वाराणसी में सैकड़ों जर्जर मकानों को लेकर नगर निगम सतर्क हो गया है। नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक शहर में वर्तमान में 489 मकान जर्जर स्थिति में हैं। इन सभी भवनों के मालिकों को नोटिस जारी कर मरम्मत कराने या आवश्यक प्रक्रिया के तहत भवन गिराने के लिए नगर निगम से संपर्क करने को कहा गया है।
नगर निगम वाराणसी के पीआरओ संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि वाराणसी एक प्राचीन शहर है और यहां के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुराने एवं जर्जर भवन मौजूद हैं। नगर निगम के अभिलेखों में फिलहाल 489 मकानों को जर्जर स्थिति में चिह्नित किया गया है।
उन्होंने बताया कि सभी संबंधित मकान मालिकों को नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किया जा चुका है। भवन मालिकों से कहा गया है कि वे अपने जर्जर भवनों की मरम्मत करवाएं। अगर कोई भवन मालिक इसे कराने में सक्षम नहीं है तो वह नगर निगम को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे सकता है। ऐसी स्थिति में नगर निगम संबंधित भवन का आकलन कराएगा और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे गिराने की कार्रवाई करेगा। इस प्रक्रिया पर आने वाला निर्धारित शुल्क बाद में संबंधित भवन मालिक से वसूला जाएगा।
पीआरओ संदीप श्रीवास्तव ने देवनाथपुरा में एक मकान के अचानक ढहने की घटना पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से जानकारी ली गई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मकान मालिक भवन की मरम्मत कराने के उद्देश्य से उसे गिराने का काम कर रहा था। इसी दौरान इमारत अचानक ढह गई।
राहत की बात यह रही कि देवनाथपुरा में हुई इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या अन्य जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। घटना के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और वहां जमा मलबे को हटा दिया गया। पुराने और जर्जर भवन घनी आबादी वाले इलाकों में खतरा पैदा कर सकते हैं। ऐसे में नगर निगम ने भवन मालिकों से समय रहते मरम्मत कराने और असुरक्षित भवनों को लेकर आवश्यक कदम उठाने को कहा है। निगम की ओर से चिह्नित जर्जर मकानों पर आगे भी नजर रखी जाएगी।