त्रिपुरा: 30 अक्टूबर को अगरतला में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन ने एक विरोध रैली निकाली। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई और आरोप लगाया गया कि भारत का चुनाव आयोग देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रहा है।
विपक्षी गठबंधन ने आने वाले चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की हार का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
इस रैली का नेतृत्व त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ CPI(M) नेता माणिक सरकार, विपक्ष के नेता और CPI(M) के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी, त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा, कांग्रेस विधायक गोपाल चंद्र रॉय और सुदीप रॉय बर्मन ने किया। इनके साथ 'इंडिया' गठबंधन से जुड़े आठ राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल थे।
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को कमजोर करके और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानूनों को बदलकर चुनावों में हेरफेर कर रही है।
उन्होंने मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे रद्द करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए पहले वाली कानूनी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की।
रॉय बर्मन ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया से प्रभावित हुए 13.5 करोड़ लोगों के नाम फिर से शामिल किए जाने चाहिए। उन्होंने संसद से मांग की कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े पुराने कानून को बहाल किया जाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की और उन पर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से समझौता करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन का अभियान चुनावों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए है, और गठबंधन अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगा।
वहीं, विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने इस रैली को संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए एक संयुक्त आंदोलन बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 13 वर्षों में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान न्यायपालिका, चुनाव आयोग, CBI, प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जैसी कई संवैधानिक और जांच एजेंसियों को कमजोर किया गया है।
चौधरी ने चुनाव आयोग पर अपनी स्वतंत्रता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ताधारी पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए चुनावी प्रक्रिया के साथ समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के संवैधानिक ढांचे की रक्षा करने और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतों का एकजुट होना जरूरी है।
'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं ने जोर देकर कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि अगर चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी माहौल में कराए जाएं, तो भाजपा को चुनावी हार का सामना करना पड़ेगा।