अगरतला: त्रिपुरा में त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (TTAADC) के अंतर्गत ग्राम समिति चुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। दक्षिण त्रिपुरा के बीर चंद्रमनु और चैलेंगटा इलाके में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और टिपरा मोथा के समर्थकों के बीच कथित हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पार्टी समर्थकों और चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों के घरों पर हमले का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। नाराज कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम समिति चुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद कई इलाकों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। इन चुनावों में टिपरा मोथा के उम्मीदवारों ने बड़ी संख्या में सीटों पर जीत हासिल की है। बीजेपी का आरोप है कि चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कुछ स्थानों पर उसके उम्मीदवारों और समर्थकों को निशाना बनाया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में बीजेपी प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, वहां भी समर्थकों और उनके घरों पर हमले किए गए। बीर चंद्रमनु इलाके में इन आरोपों के बाद बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोक दिया। उनका कहना था कि चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा का माहौल बनाया जा रहा है और इसके कारण पार्टी कार्यकर्ताओं में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, मनु क्षेत्र में दिनभर कई वाहनों और मोटरसाइकिलों की आवाजाही के बीच कथित हमलों की घटनाएं हुईं। कुछ कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उन्हें दोबारा हमले की आशंका के कारण अपने घरों में रहने में डर लग रहा है। ऐसे कार्यकर्ता सुरक्षा की मांग को लेकर मनपाथर पुलिस चौकी के आसपास पहुंचे और सड़क जाम में शामिल हुए। बीजेपी युवा मोर्चा की मंडल उपाध्यक्ष अंजू मोग ने कथित हमलों में शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के नाम पर हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती और प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
इलाके में देर शाम तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इसके बाद स्थानीय विधायक प्रमोद रियांग के हस्तक्षेप से सड़क जाम समाप्त कराया गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। बीजेपी जनजाति मोर्चा के राज्य समिति सदस्य राम बाबू रियांग ने कहा कि यदि कथित हमलों में शामिल लोगों को रात तक गिरफ्तार नहीं किया गया तो अगले दिन सुबह से फिर सड़क जाम किया जाएगा। इस चेतावनी के बाद प्रशासन के सामने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।
दूसरी ओर, चैलेंगटा के एससी कॉलोनी इलाके में भी मंगलवार दोपहर करीब दो बजे तनाव की स्थिति सामने आई। यहां आरोप लगाया गया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टिपरा मोथा के एक पार्टी कार्यालय को बंद कर दिया और उसके बाद कार्यालय में तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद दोनों राजनीतिक समूहों के समर्थकों के बीच टकराव की स्थिति बनने की खबर है। इस प्रकार चुनाव के बाद हिंसा के आरोप केवल एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं। बीर चंद्रमनु में बीजेपी ने टिपरा मोथा समर्थकों पर हमले का आरोप लगाया है, जबकि चैलेंगटा में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर टिपरा मोथा कार्यालय में तोड़फोड़ करने के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष अभी स्पष्ट नहीं हैं।
इससे पहले टिपरा मोथा के संस्थापक प्रद्योत किशोर देबबर्मा ने चुनाव परिणामों के बाद समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने किसी पर हमला नहीं करने और संयम बरतने का संदेश दिया था। फिलहाल दोनों इलाकों में सामने आई घटनाओं ने चुनाव के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन से स्थिति पर नजर रखने तथा संभावित टकराव रोकने की अपेक्षा की जा रही है। आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Tags: