गुवाहाटी: नॉर्थ त्रिपुरा ज़िला प्रशासन और टाटा ट्रस्ट्स की पहल, 'सेंटर फ़ॉर माइक्रोफ़ाइनेंस एंड लाइवलीहुड' (CML) ने सोमवार को एक नॉन-फ़ाइनेंशियल समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका मकसद टिकाऊ ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना और ग्रामीण परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है।
इस MoU पर ज़िला प्रशासन की ओर से नॉर्थ त्रिपुरा की ज़िला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर चांदनी चंद्रन और CML के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर माधवानंद रे ने धर्मनगर स्थित ज़िला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर कार्यालय में हस्ताक्षर किए।
यह साझेदारी एकीकृत आजीविका और गैर-आजीविका से जुड़े कामों पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिसमें स्प्रिंगशेड (जल-स्रोत) विकास, जल सुरक्षा, मत्स्य पालन, पशुपालन, कृषि, इससे जुड़ी गतिविधियां और शिक्षा शामिल हैं।
इस सहयोग का मकसद टिकाऊ जल संसाधन प्रबंधन को बढ़ावा देना, आय के नए स्रोत बनाना और नॉर्थ त्रिपुरा में परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ग्रामीण आजीविका को मज़बूत करना है।
यह पहल ज़िला प्रशासन, CML और संबंधित सरकारी विभागों के बीच तालमेल को भी बेहतर बनाएगी, ताकि विकास कार्यक्रमों को ठीक से लागू किया जा सके और उनका ज़्यादा से ज़्यादा असर हो।
CML प्रस्तावित पहलों को लागू करने में मदद के लिए ज़िला प्रशासन, संबंधित विभागों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करेगा।
उम्मीद है कि यह समझौता समावेशी विकास, टिकाऊ संसाधन प्रबंधन और आजीविका के अवसर पैदा करने जैसे क्षेत्रों में संस्थागत सहयोग को मज़बूत करेगा, और ज़िले में ग्रामीण समुदायों की भलाई को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
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