हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार को उन आरोपों पर गंभीर चिंता जताई जिनमें कहा गया है कि 75 साल के एक रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर को मधुरानगर पुलिसकर्मियों ने परेशान किया, बेइज्जत किया और उनके साथ मारपीट की।

जस्टिस टी. माधवी देवी ने मधुरानगर पुलिस, शहर के पुलिस कमिश्नर और गृह विभाग के प्रधान सचिव को नोटिस जारी किए। कोर्ट ने उनसे जवाब मांगा है कि रिटायर्ड अधिकारी मोहम्मद उस्मान के अधिकारों के कथित उल्लंघन के लिए उन्हें मुआवज़ा क्यों न दिया जाए।

उस्मान का आरोप है कि 18 मई को जब वह यूसुफगुडा स्थित अपने घर पर थे, तो पुलिसकर्मियों की एक टीम उनके घर में घुसी और उन्हें ज़बरदस्ती ले गई। पुलिस ने न तो उन्हें ले जाने का कारण बताया और न ही अपनी कार्रवाई के लिए कोई कानूनी अधिकार दिखाया। उस्मान के वकील ने कोर्ट को बताया कि रिटायर्ड अधिकारी को ठीक से कपड़े भी नहीं पहनने दिए गए और उन्हें घर से घसीटते हुए बाहर निकाला गया, जिससे पड़ोसियों और राहगीरों के सामने उनकी बेइज्जती हुई।

रिटायरमेंट से पहले तीन दशकों से ज़्यादा समय तक पुलिस विभाग में सेवा देने वाले उस्मान ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनकी उम्र और पुरानी सेवा का ज़रा भी लिहाज़ नहीं किया। गंभीर मानसिक पीड़ा, शारीरिक प्रताड़ना और सार्वजनिक बेइज्जती का सामना करने का दावा करते हुए, उस्मान ने शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ़ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई और अपने मौलिक व मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन के लिए मुआवज़े की मांग की।

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