कामारेड्डी पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार किया है, जो प्रेस रिपोर्टर बनकर कई लोगों से पैसे वसूलते थे। इन दोनों के नाम इंदुरी सिद्धा गौड़ और लांडे भास्कर हैं। एक और आरोपी बापू राव फ़िलहाल फ़रार है।
कामारेड्डी DSP के मुताबिक, चेपुरी सिरिशा की आत्महत्या के मामले की जांच के दौरान पुलिस को इस बारे में अहम सबूत मिले। पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने RTI एप्लीकेशन के ज़रिए पीड़िता की सरकारी नौकरी, सैलरी और सर्विस से जुड़ी जानकारी हासिल की थी।
उन्होंने उसे धमकी दी कि अगर उसने उन्हें पैसे नहीं दिए तो वे उसकी नौकरी छुड़वा देंगे। इस वजह से उसे बहुत ज़्यादा मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने कहा, "इस सबूत के आधार पर, आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामले की जांच की जा रही है।"
इंदुरी सिद्धा गौड़ और लांडे भास्कर को कामारेड्डी में हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान, दोनों ने अपराध से जुड़ी जानकारी दी। इसके बाद उन्हें कामारेड्डी की न्यायिक अदालत में पेश किया गया।
जांच में पता चला कि आरोपी खुद को डिजिटल अख़बारों का प्रेस रिपोर्टर बताते थे और सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों और रियल एस्टेट कारोबारियों को निशाना बनाते थे। पुलिस का दावा है कि वे उनके ख़िलाफ़ बुरी ख़बरें छापने, अधिकारियों से शिकायत करने या नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूलते थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी काफ़ी समय से यह रैकेट चला रहे थे। इससे पहले भी कामारेड्डी, येल्लारेड्डी, डोमाकोंडा, गंधारी और देवुनिपल्ली पुलिस स्टेशनों में उनके ख़िलाफ़ धमकी और वसूली के कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
पुलिस ने कहा कि इस मामले की जांच से पता चला है कि आरोपियों ने उसी तरीके का इस्तेमाल करके मृत महिला को डराया-धमकाया, उस पर दबाव डाला और उसे मानसिक रूप से परेशान किया।