हैदराबाद: सरकार ने तेलंगाना के स्टार्टअप्स के लिए ठेकेदार बनने के रास्ते खोल दिए हैं। इसके लिए 'तेलंगाना इनोवेशन स्टार्टअप चैलेंज' (TISC) शुरू किया गया है, जो युवा इनोवेटर्स और उद्यमियों को सरकार के साथ मिलकर काम करने, वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने और सरकारी ठेके हासिल करने का मौका देता है।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई व्यवस्था के लिए इनोवेटिव समाधान आमंत्रित करें। इसे TISC के तहत मुख्य चुनौती (लीड चैलेंज) के रूप में रखा गया है।

इसका उद्देश्य गहरे बोरवेल के लिए किफायती सोलर पंप या रेट्रोफिट किट विकसित करना है, जो मौजूदा विकल्पों से 30 प्रतिशत सस्ते हों। इनमें चोरी से सुरक्षित सोलर पैनल और छेड़छाड़-रोधी (टैम्पर-प्रूफ) ग्रिड मीटरिंग की सुविधा होनी चाहिए।

इसका व्यापक लक्ष्य राज्य के हर खेत तक सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई सुविधा पहुंचाना है, ताकि बिजली क्षेत्र पर पड़ने वाला बोझ कम हो सके।

TISC पहल का मकसद राज्य की इनोवेशन क्षमताओं का उपयोग करके ग्रामीण और शहरी तेलंगाना के सामने मौजूद सात प्रमुख चुनौतियों का समाधान करना है।

TISC के पहले चरण में स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं, टेक्नोलॉजी कंपनियों, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों को ऐसे समाधान विकसित करने के लिए आमंत्रित किया गया है जिन्हें बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके।

इस चुनौती की शुरुआत पिछले हफ्ते दिल्ली में 'इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट' के एक शुरुआती कार्यक्रम (कर्टेन-रेज़र इवेंट) में की गई थी।

आवेदन 30 नवंबर तक खुले हैं। इच्छुक आवेदक tisc.telangana.gov.in के जरिए अपने प्रस्ताव जमा कर सकते हैं।

शॉर्टलिस्ट करने, विभागीय समीक्षा और अंतिम दौर की तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

प्रस्तावों का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाएगा कि सुझाया गया समाधान कितनी अच्छी तरह समस्या से जुड़ा है, इनोवेशन कितना अनोखा है, टेक्नोलॉजी कितनी तैयार है, टीम की क्षमता क्या है, और इसका आम जनता तथा औद्योगिक क्षेत्रों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।

इसमें पूरे भारत और दुनिया भर के इनोवेशन हब से जुड़े आवेदक हिस्सा ले सकते हैं।

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